
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के निर्देश पर गुरुवार को विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर लक्ष्मणगढ़ में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। पीएलवी अनिल कुमार ने बताया कि यह दिवस हर साल मनाया जाता है और बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को खतरनाक कार्यों में नियोजित नहीं किया जा सकता।
भारतीय संविधान में नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा की गई है, जिसमें समानता, स्वतंत्रता, और शिक्षा का अधिकार शामिल हैं। राज्य की जिम्मेदारी है कि वह बच्चों को संरक्षण, भोजन, स्वास्थ्य, और शिक्षा प्रदान करे।
बालक विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत बच्चे मुफ्त में अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। अनिल कुमार ने कन्या भ्रूण हत्या, शिक्षा का अधिकार, बाल विवाह, और घरेलू हिंसा से संरक्षण के कानूनों की जानकारी भी दी। इस अवसर पर संजय, संतोषी मीणा, अंकित कुमार शर्मा, अनिल कुमार, अंजू रानी, अंजू कुमारी, चेतना सैनी, मंजू देवी सहित 35 महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।
Published on:
12 Jun 2025 03:36 pm
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