कैशियर से पैसे लूटने के लिए दाग दी थी गोलियां, अब साढ़े तीन साल बाद हुई अजीवन कारावास की सजा

अलवर के करीब साढ़े तीन साल पहले बिजली निगम कार्यालय परिसर में हुई वारदात के आरोपियों को अजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

By: Hiren Joshi

Published: 19 Jan 2019, 09:32 AM IST

अलवर. बहुचर्चित बिजली निगम कैशियर हत्याकांड मामले में अपर जिला एवं सैशन न्यायाधीश संख्या-1 सरिता स्वामी ने शुक्रवार शाम को फैसला सुनाया। प्रकरण में सभी आठ अभियुक्तों को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी अभियुक्तों को 34 हजार रुपए अर्थदण्ड से भी दंडित किया है।

प्रकरण के अनुसार करीब साढ़े तीन साल पहले 30 जुलाई 2015 को शहर के कालीमोरी स्थित बिजली निगम कार्यालय के कैशियर टहला थाना क्षेत्र निवासी राजेश शर्मा 11 लाख रुपए और 7 लाख रुपए का चेक लेकर बैंक में जमा कराने निकले।

कार्यालय के बाहर खड़ी जीप में सवार होने वाले थे। इस दौरान बदमाशों ने कैशियर राजेश शर्मा व गार्ड शिवलाल को गोली मारकर कैश और चेक लूटकर फरार हो गए। गोली लगने से कैशियर राजेश शर्मा की मौत हो गई और गार्ड शिवलाल गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रकरण में दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने शुक्रवार को सभी आठ आरोपी रामगढ़ निवासी भारतसिंह व निहालसिंह पुत्र फूलसिंह, बहरोड़ निवासी राकेश यादव पुत्र जयसिंह, ततारपुर निवासी पंकज राय पुत्र महावीर सिंह, अलावड़ा निवासी जगमोहन पुत्र छोटेलाल, सीकरी निवासी नरेन्द्र सिंह पुत्र महेन्द्र सिंह, रामगढ़ निवासी वसीम अकरम पुत्र इब्राहिम और भगवानपुरा-कठूमर निवासी महेश कुमार पुत्र मनीराम को दोषी ठहराया।

न्यायालय ने सभी अभियुक्तों को हत्या के आरोप में उम्रकैद, हत्या के प्रयास में दस साल तथा षड्यंत्रपूर्वक सुनियोजित तरीके से अपराध को अंजाम देने पर आईपीसी की अन्य धाराओं में भी दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई है।

तीन अभियुक्त अभिरक्षा और पांच जमानत पर थे·

प्रकरण में अभियुक्त भारतसिंह, निहालसिंह और राकेश यादव गिरफ्तारी के दिन से अब तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद हैं। जबकि अन्य अभियुक्त पंकज राय, जगमोहन, नरेन्द्रसिंह, वसीम अकरम और महेश कुमार जमानत पर चल रहे थे।

Hiren Joshi
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