
मत्स्य विश्वविद्यालय की लापरवाही से विद्यार्थी परीक्षा के समय अधरझूल में लटके हैं। खासकर वे जिनके प्रवेश पत्र में बार-बार ऐसा विषय ड्यू अंकित होकर आ रहा है जिसे वे पूर्व में उत्र्तीण कर चुके हैं। फिर भी हर बार परीक्षा के समय वही पेपर दर्ज होकर आ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को डर है कि परीक्षा पुन: दी जाए या नहीं।
मत्स्य विश्वविद्यालय के प्राइवेट विद्यार्थी सुभाष शर्मा ने विश्वविद्यालय को तीसरी बार शिकायत दी है कि बीए प्रथम वर्ष से तृतीय वर्ष में पहुंचने के बावजूद अनिवार्य अंग्रेजी विषय में उसे कभी फेल कर दिया जाता है तो कभी पास। अब वह बीए अंतिम वर्ष का छात्र है। इस बार भी प्रवेश में पत्र में अंग्रजी अनिवार्य विषय की परीक्षा दर्ज कर दी। जबकि उसने अंग्रेजी विषय प्रथम वर्ष के पूनर्मूल्यांकन में ही उत्तीर्ण कर ली। उत्तीर्ण होने की अंकतालिका भी मिल गई। इसके बावजूद अब उसकी तृतीय वर्ष की परीक्षा के विषयों में अंग्रजी अनिवार्य विषय की परीक्षा भी दर्ज कर दी। जो 15 मई को होनी है। अब यही असमंजस है कि परीक्षा दें या नहीं। शर्मा ने बताया कि ऐसे और भी विद्यार्थी हैं जिनको यह परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हर बार होती है गड़बड़ी
मत्स्य विश्वविद्यालय की परीक्षाएं हो या प्रवेश पत्र। हर बार इस विश्वविद्यालय के काम में गड़बड़ी जरूर होती है। अभी कुछ रोज पहले ही विश्वविद्यालय ने नौकरी के लिए आवेदन मंगाए थे। इसमें भी गड़बड़ी सामने आई थी।
परीक्षा देने की जरूरत नहीं
ऐसा कोई भी विद्यार्थी हैं जिनका पेपर ड्यू रहने के बाद परिणाम सुधर चुका है। उसके बाद अंकतालिका भी आ चुकी है। फिर भी प्रवेश पत्र में कोई पेपर ड्यू दिखाया जा रहा है तो उसे सम्बंधित विषय की परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। इस बारे में सीधे हमसे सम्पर्क कर सकते हैं। तुरंत समाधान कराएंगे।
सप्तेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक, मत्स्य विश्वविद्यालय अलवर
Published on:
12 May 2018 12:30 pm
