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मत्स्य विश्वविद्यालय के पुराने परीक्षा केन्द्रों में नहीं है यह सुविधाएं, अब फर्जीवाड़ा कर नए केन्द्र खोलने जा रहे

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अलवर

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Hiren Joshi

Dec 21, 2018

Matsya university Plan To illegally Make New Exam Center

मत्स्य विश्वविद्यालय के पुराने परीक्षा केन्द्रों में नहीं है यह सुविधाएं, अब फर्जीवाड़ा कर नए केन्द्र खोलने जा रहे

राजर्षि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय को अलवर जिले में पहले से चल रहे परीक्षा केन्द्रों की कोई खैर नहीं है जिनमें केन्द्राधीक्षक हैं और पर्याप्त संसाधन। हालात यह हैं कि अधिकतर परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा प्रश्न पत्रों को सुरक्षित रखने के लिए गार्ड तक उपलब्ध नहीं है। दूसरी ओर विश्वविद्यालय आचार संहिता में बोम की बैठक कर गुपचुप में फर्जीवाड़े के नए परीक्षा केन्द्र बनाने जा रहा था।

अलवर जिले में गैर सरकारी महाविद्यालयो में चल रहे परीक्षा केन्द्रों के हालात खराब हैं। इन परीक्षा केन्द्रों में अधिकतर में केन्द्राधीक्षक ही कागजों में चल रहे हैं। इन परीक्षा केन्द्रों में सीसीटीवी कैमरे तक उपलब्ध नहीं है। हालात यह है कि इनमें रात्रि कालीन सुरक्षा के लिए गार्ड तक नहीं है। बहुत से परीक्षा केन्द्रों में तो प्रश्न पत्र रखने के लिए निर्धारित मापदंडों के अनुसार लॉकर्स भी नहीं है।

विज्ञान की लैब तक नहीं

अलवर जिले में कई ऐसे गैर सरकारी महाविद्यालय हैं जिनमें लैब तक नहीं है। अलवर जिले के हरसौली, थानागाजी, मांढण, कठूमर क्षेत्र में कई ऐसे गैर सरकारी महाविद्यालय हैं, जिनमें मूलभूत सुविधाएं तक नहीं है। विश्वविद्यालय की टीम ने कभी भी गंभीरता से गैर सरकारी महाविद्यालयों की जांच तक नहीं की है जिसके कारण प्रति वर्ष प्रश्न पत्र आउट होना मामूली बात हो गई हैं। अधिकतर गैर सरकारी महाविद्यालय तो ऐसे हैं जिनमें प्रिंसीपल तक नहीं है। इनमें जो प्रिंसीपल दिखाया जा रहा है , वो तो मात्र कागजों में ही चल रहा है। ऐसे महाविद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बना दिए हैं जिनमें फर्नीचर व स्टाफ रूम तक नहीं है। जिले में कई दर्जन ऐसे कॉलेज हैं जो सरकार की ओर से निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं कर रहे हैं। इन महाविद्यालयों में इतनी विसंगतियां होने के बावजूद भी इनके खिलाफ कोई कार्रवाई तक नहीं की जा रही है।