
जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन
अलवर। अकबरपुर थाना क्षेत्र के पैंतपुर, किशनपुर और बतपुरा गांव में जहरीली शराब से हुई 6 लोगों की मौत को लेकर बवाल मचा है। अंगुली आबकारी विभाग पर उठाई जा रही है, लेकिन जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैमन ने साफ किया है कि परिजनों के पर्चा बयान है, उसमें एक भी मौत जहरीली शराब के सेवन से नहीं होना लिखा गया है। राजस्थान पत्रिका से विशेष बातचीत में जैमन ने और भी कई सवालों के जवाब दिए।
Q. विभाग कह रहा है जहरीली शराब से मौत नहीं हुई, जबकि मौतों की यही वजह बता रहे हैं ?
A. इस घटना के बाद मौके पर हमारे अधिकारी व कर्मचारी गए थे। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों के साथ मृतकों के परिजनों से पर्चा बयान लिया है। इसमें तीन परिजनों ने बीमारी से मौत होने की बात लिखी है, जबकि तीन अन्य लोग शराब के आदी थे और क्रॉनिकल डिजीज से ग्रसित थे। इन्होंने शराब का अत्यधिक सेवन किया, इस वजह से मौत हुई।
Q. जहां मौते हुई, यह क्षेत्र अवैध शराब का गढ़ है?
A. इस क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की हमें शिकायतें मिलती हैं और इन पर कार्रवाई की जाती है। इस क्षेत्र में 2024 में 71 बार रेड डाली है। यहां रहने वाले ज्यादातर लोग पंजाब कमाने के लिए जाते हैं। इसलिए व्यापार यहां लंबा नहीं चलता है। सात अप्रेल से विभाग ने यहां अभियान चला रखा है और लगातार कार्रवाई कर रहे हैं।
Q. अलवर में अवैध शराब की सबसे ज्यादा शिकायतें कहां से आती हैं?
A. जिले के सावड़ी, पैंतपुर, घाटला, गोविंदगढ़, रामगढ़ के इलाके में कच्ची शराब की शिकायतें सर्वाधिक हैं, लेकिन यहां समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। हमारी टीमें पूरे सालभर इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करती है।
Q. शराब की फ्रेंचाइजी खुल रही है, क्या विभाग को इसकी जानकारी है?
A. आबकारी नियमों में साफ है कि जो दुकान स्वीकृत है, उसमें ही शराब की बिक्री होती है। हमारी पास इस तरह की शिकायतें आती हैं तो हम कार्रवाई करते हैं।
Q. घटना वाले इलाके में अभी विभाग क्या कर रहा है?
A. मौके पर हमारी टीमें काम कर रही हैं। प्रत्येक घर में तलाशी ली गई है। होटल-ढाबे चैक किए हैं। लगातार इस तरह की कार्रवाई यहां चलती रहेगी।
Q. क्या आबकारी विभाग के कार्मिक भी अवैध शराब बिक्री में लिप्त हैं?
A. कर्मचारी लिप्त नहीं हो सकते हैं। हमारे एक्ट में अवैध शराब की बिक्री पाए जाने पर कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई के प्रावधान हैं। बीट कांस्टेबल से लेकर ईओ तक सबके विरुद्ध कार्रवाई होती है। अवैध शराब के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति होती है। इसलिए ऐसा संभव नहीं है।
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Published on:
02 May 2025 12:46 pm
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