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सिलीसेढ़ के पास एसडीआरएफ चौकी खोलने की तैयारी, नागरिक सुरक्षा विभाग की सुध तक नहीं

अलवर के पर्यटन स्थलों पर हो रही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एसडीआरएफ चौकी खोलने की तैयारी है। लेकिन नागरिक सुरक्षा विभाग की सुध नहीं ली जा रही।

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अलवर

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Lubhavan Joshi

Aug 13, 2021

No Use Of Civil Defence Team In Alwar

सिलीसेढ़ के पास एसडीआरएफ चौकी खोलने की तैयारी, नागरिक सुरक्षा विभाग की सुध तक नहीं

अलवर. जिले के बांध-जलाशयों में होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सिलीसेढ़ झील के समीप एसडीआरएफ चौकी स्थापित करना प्रस्तावित है। लेकिन जिले में नागरिक सुरक्षा टीम होने के बाद भी उनका उपयोग नहीं कर पा रहे । अलवर जिले की नागरिक सुरक्षा टीम में करीब 250 जवान कार्यरत हैं। मानसून के दौरान अलवर जिले में जलाशयों, झरने वाले पर्यटन स्थलों पर नागरिक सुरक्षा टीम की तैनाती की जा सकती है। नागरिक सुरक्षा टीम में कई प्रशिक्षित जवान हैं जो आपदा में रेस्क्यू कर सकते हैं। लेकिन टीम का उपयोग नहीं लिया जा रहा। अम्बेडकर नगर स्थित नागरिक सुरक्षा कार्यालय में फ़िलहाल तीन शिफ्ट में 8-8 जवानों की ड्यूटी लगाईं जा रही है। जबकि ऐसे कई प्रशिक्षित जवान हैं जो घर बैठे हैं। नागरिक सुरक्षा कार्यालय को करीब चार माह पूर्व 6 लाख रूपए का आधुनिक ड्रोन दिया गया है, लेकिन पैकेट में बंद ड्रोन की सील तक नहीं खोली गई है।

परिचितों को भर्ती करने के आरोप

नागरिक सुरक्षा टीम में अधिकारियों के परिचितों को भर्ती करने के आरोप सामने आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार 5 अप्रैल को 129 जवानों की भर्ती की गई थी। इनमें से करीब 110 जवान ही नियमानुसार प्रशिक्षित हैं। इनकी भर्ती के कुछ दिन बाद करीब 19 लोगों के फॉर्म भरवाए गए और बिना योग्यता के अभ्यर्थियों को भर्ती कर लिया। उक्त अभ्यर्थी तैराकी, आपदा प्रबंधन सहित सम्बंधित कार्यों में कुशल नहीं है। गौरतलब है कि नागरिक सुरक्षा में कार्यरत जवान को प्रतिदिन 610 रूपए मानदेय मिलता है। ऐसे में नागरिक सुरक्षा टीम में बिना योग्यता के भर्ती कर लिया गया। ऐसे कर्मचारियों को कंप्यूटर ऑपरेटर आदि की पद पर लगा रखा है।

उपखण्ड स्तर पर संसाधन तक उपलब्ध नहीं

जिला प्रशासन की ओर से प्रत्येक उपखण्ड स्तर पर नागरिक सुरक्षा के दो-दो जवानों की तैनाती की गई है। लेकिन उन्हें ना तो लाइफ जैकेट और ना ही रस्सी तक नहीं दी गई। जबकि जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय में पर्याप्त बजट व संसाधन हैं। वहीं जिला कार्यालय की स्थिति भी दयनीय बनी हुई है। यहां अव्यवस्थाओं की सुध नहीं ली जा रही।

कई स्थाओं पर नागरिक सुरक्षा टीम की आवश्यकता

जिले में विभिन्न पर्यटन स्थलों के जलाशय, जोहड़, कुंड आदि मानसून में लबालब भर गए हैं। नल्देश्वर, सिलीसेढ़, पांडुपोल, सागर आदि स्थानों पर नागरिक सुरक्षा टीम के जवानों के तैनाती की आवश्यकता है। वहीं पिछले माह विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से अधिक बच्चों की जोहड़ में डूबने से मौत हो गई। ऐसे में नागरिक सुरक्षा की टीम रेस्क्यू कर सकती हैं। सिलीसेढ़ में एसडीआरएफ चौकी खोलने की तैयारी है। प्रक्रिया पूर्ण होने तक नागरिक सुरक्षा के जवान तैनात किए जा सकते हैं।