
आरोपी नर्सिंगकर्मी। फोटो: पत्रिका
अलवर। सामान्य अस्पताल के मेल सर्जिकल वार्ड में एक नर्सिंगकर्मी ने मरीज की महिला परिजन से छेड़छाड़ कर दी। घटना के बाद अन्य मरीजों के परिजन और पीड़ित महिला ने आरोपी नर्सिंगकर्मी की धुनाई कर दी। घटना शुक्रवार देर रात करीब ढाई बजे की है। जिसका वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार डीग जिला निवासी एक व्यक्ति को लिवर संबंधी बीमारी के चलते 22 मई को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसकी देखरेख के लिए पत्नी वार्ड में ही रुकी हुई थी।
महिला शुक्रवार देर रात मरीज के बेड के पास लगी बैच पर सो रही थी। इस दौरान नर्सिंगकर्मी रविन्द्र फौजदार पुत्र बलराम ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। महिला पहले डर और गहरी नींद के कारण कुछ नहीं बोली, लेकिन दोबारा हरकत करने पर महिला चिल्लाते हुए हड़बड़ाकर उठ गई। जिसके बाद अन्य मरीजों के परिजनों ने आरोपी नर्सिंगकर्मी को पकड़कर उसके साथ मारपीट कर दी। आरोपी नर्सिंगकर्मी ने वार्ड की लाइट बंद कर भागने का प्रयास किया।
इस बीच आरोपी नर्सिंगकर्मी पहले हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा, उसके बाद वार्ड की खिड़की से कूद कर छत की ऊपरी मंजिल पर भाग गया। जिसे मरीजों के परिजन पकड़कर नीचे ले आए। सूचना पर पुलिस आरोपी नर्सिंगकर्मी को पकड़कर थाने ले गई। कोतवाली थानाधिकारी रमेश सैनी ने बताया कि मामले में पीड़िता के बयान दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
अस्पताल में रात में शराब पार्टी और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ व अभद्रता के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। जिस वार्ड में यह घटना हुई, इसमें स्टाफ के लिए बने चैंबर में पूर्व में शराब पार्टी की बातें सामने आई थी, जिसे दबा दिया गया। इसके अलावा आइसोलेशन वार्ड सहित अन्य वार्डों में लंबे समय से शराब पार्टियों की शिकायत के बाद पूर्व पीएमओ की ओर से रात्रि के समय निरीक्षण भी किया गया था।
आरोप है कि आरोपी नर्सिंगकर्मी ने एक दिन पहले भी वार्ड में भर्ती एक बुजुर्ग के नशे का इंजेक्शन लगाकर उसकी महिला परिजन के साथ छेड़छाड़ की थी। इससे करीब 8-9 महीने पहले इसी नर्सिंगकर्मी ने फीमेल नर्सिंग स्टूडेंट्स के साथ भी ड्यूटी के दौरान छेड़छाड़ की थी। लेकिन मामले को दबा दिया गया।
वर्ष 2008-09 में अस्पताल में भर्ती एक महिला मरीज के साथ बलात्कार की घटना सामने आ चुकी है। महिला बाथरूम गई, तो आरोपी नर्सिंगकर्मी ने उसके पीछे बाथरूम में घुसकर छेड़छाड़ की। इस दौरान महिला के चिल्लाने पर आरोपी भाग गया। लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उसे बाहरी व्यक्ति बताकर मामले को दबा दिया। महिलाओं की ओर से तत्कालीन सांसद बालकनाथ को ज्ञापन देकर महिलाओं की सोनोग्राफी, ईसीजी जांच व इलाज के लिए फीमेल स्टाफ लगाने की मांग की जा चुकी है।
Updated on:
24 May 2026 09:32 am
Published on:
24 May 2026 09:32 am
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