
अलवर की महिलाओं ने किया कुछ ऐसा, देख कर हो जाएंगे खुश
पगडी बांधना राजस्थान की परंपरा रही है, लेकिन अब बहुत कम लोग ही साफा बांधना जानते है। पगडी बांधना भी अपने आपमें एक कला है, लेकिन अब बहुत कम लोग ऐसे हैं जो पगडी बांधना जानते हैं। ऐसे में पगड़ी ब ांधने की कला लुप्त होती जा रही है। कई आयोजनों के दौरान अतिथियों को साफा या पगडी पहनाई जाती है, जो कि बहुत ही लंबा होता है , इसे बांधना आसान नहीं है।
अलवर के राजपूत समाज ने इस कला को बचाने की पहल की और यहंा की महिलाओं को भी पगड़ी बांधने का प्रशिक्षण दिया ताकि वो भी घर के पुरुषों को पगडी बांधने में मदद कर सके। इसके साथ ही युवाओं को भी यह प्रशिक्षण दिया गया जिससे की कला को जीवनदान दिया जा स के।
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना शहर कार्यकारिणी की ओर से रविवार को प्रथम साफा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
पुराना भूरासिद्ध में रामकृपाल नगर में हुए इस कार्यक्रम मेंं मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सचिव सीमा सिंह, अति विशिष्ट अतिथि राजेश सिंह बहाली, अंजू सिंह, सतवीर सिंह शेखावत, अमित सिंह जादौन, डा. लोकेश सिंह थे। विशिष्ट अतिथि सूरजभान सिंह गौड़, गिरवर सिंह, प्रेमसिंह, बच्चू सिंह, अशोक सिंह नरूका थे। अतिथि महावीर प्रसाद जादौन, गरिमा सिंह व प्रेमसिंह थे। साफा बांधने का प्रशिक्षण हरेंद्र सिंह व विक्रम सिंह चौहान ने दिया। दो तरह से साफा बांधने का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शहर अध्यक्ष उदय सिंह भाटी ने की। इस अवसर पर कमल सिंह नरूका, हुकम सिंह, कपिल सिंह पंवार, युवराज सिंह आदि उपस्थित थे।
Updated on:
14 Jan 2019 01:45 pm
Published on:
14 Jan 2019 01:45 pm
