
टिकट के बाद नेताजी की एक और अग्नि परीक्षा, अब बागी नेताओं के नामांकन वापस कराने में लगे प्रत्याशी
अलवर. विधानसभा चुनाव नामांकन से पहले पार्टियों के प्रत्याशियों ने टिकट को लेकर आलाकमान के सामने एक-दूसरे की खूब कार सेवा की। अब नामांकन फॉर्म जमा होने के बाद यही नेता एक-दूसरे की मान-मनोव्वल में जुट गए हैं। यह बड़ी रणनीति का हिस्सा भी है। जिसमें खुद के पक्ष के वोटों को प्रभावित करने वाले प्रत्याशी का नामांकन वापस करना सबसे बड़ी रणनीति मानी जाती है। नामांकन वापसी की आखिरी तारीख 22 नवम्बर को जिले की 11 सीटों पर चुनावों की असली तस्वीर सामने आ जाएगी। इसके बाद प्रत्याशी मतदाताओ के बीच पूरी ताकत लगाएंगे। हर कोई एक-एक वोट तक पहुंचने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ दिन-रात रणनीति बनाकर प्रचार में जुट जाएंगे।
प्रत्याशी चयन में बड़ी मशक्कत
दिल्ली में भी सबसे अधिक अलवर की सीटों पर प्रत्याशी चयन में मशक्कत हुई है। तभी तो नामांकन के आखिरी दिन बहरोड़ सीट पर भाजपा ने अपना प्रत्याशी फाइनल किया। आखिरी तारीख से एक दिन पहले रात्रि को राजगढ़ व अलवर ग्रामीण विधानसभा सीटों के प्रत्याशी घोषित किए। अब इन प्रत्याशियों के सामने दूसरी चुनौती यह है कि ऐसे प्रत्याशियों का नामांकन वापस हो। जिनसे उनका वोट बैंक प्रभावित हो रहा है। जिसके लिए पार्टी के छोटे से लेकर बड़े नेता हर संभव प्रयास करेंगे।
Published on:
21 Nov 2018 11:46 am
