
सरिस्का टाइगर रिजर्व के कोर, बफर व सीटीएच से एक किमी के दायरे में बने होेटल, रिसोर्ट आदि पर कार्रवाई की पूरी तैयारी है। प्रशासन ने चार एसडीएम को पत्र भेजकर कहा है कि अब तक होटलों का संचालन क्यों नहीं बंद करवाया गया। यही नहीं, होटलों को वैद्यता प्रदान करने वाले अधिकारियों के नाम भी बताएं ताकि उन पर कार्रवाई की जा सके। इस आदेश को एक सप्ताह बीत गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है।
एडीएम प्रथम मुकेश कायथवाल ने यह पत्र जारी किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से लेकर एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए अवैध होटलों पर कार्रवाई के लिए कहा है। एसडीएम अलवर, मालाखेड़ा, थानागाजी व राजगढ़ को इस मामले में कार्रवाई करनी है। पूर्व में करवाए गए सर्वे के बाद एक्शन लेना था, लेकिन होटलों को केवल नोटिस देकर ही मामला निपटा दिया गया। अब एनजीटी सत कार्रवाई करने की तैयारी है। बताते हैं कि प्रशासन ने इस मामले को हल्के में लिया तो कई बड़े अधिकारी लपेटे में आ सकते हैं।
सिलीसेढ़ सरिस्का का बफर एरिया है। यहां 14 होटल पहले चरण में कार्रवाई के दायरे में हैं। इसके अलावा अजबगढ़, अकबरपुर भी बफर एरिया है। यहां पर भी 40 से ज्यादा होटल अवैध रूप से बनाए गए हैं। टहला व राजगढ़ में करीब 34 होटल सीटीएच से एक किमी के दायरे में आए हैं, जिन पर कार्रवाई होनी है। कई अन्य एरिया में भी अवैध तरीके से यह होटल बनाए गए हैं। नाहरगढ़ वन एवं वन्यजीव सुरक्षा समिति के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी का कहना है कि प्रशासन होटलों पर पूरी मेहरबानी किए हुए है। एनजीटी में अगली सुनवाई जल्द होगी। प्रशासन को जवाब देना होगा।
होटलों पर कार्रवाई के लिए संबंधित एसडीएम को आदेश दिए गए हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई की सूचना कहीं से नहीं मिली है। इसकी मॉनिटरिंग करेंगे। - मुकेश कायथवाल, एडीएम प्रथम
Updated on:
14 Jan 2025 11:57 am
Published on:
14 Jan 2025 11:45 am
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