
अलवर में कटीघाटी के पास बनेगा एनसीआर का सबसे बड़ा चिड़ियाघर। फोटो: पत्रिका
अलवर। कटीघाटी में चिड़ियाघर का काम अप्रेल में शुरू करने की तैयारी है। केंद्र सरकार ने इसकी डीपीआर को अनुमोदित कर दिया है। पहले चरण की 25 करोड़ रुपए की राशि इसी माह में मिलने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट वर्ष 2029 तक पूरा करना है। चिड़ियाघर को प्रदेश सरकार की मंजूरी एक साल पहले मिली थी। उसके बाद एजेंसी के जरिए इसकी डीपीआर तैयार करवाई गई। यह प्रोजेक्ट 158 करोड़ रुपए का है।
इस प्रोजेक्ट के दो चरण हैं, एक चिड़ियाघर और दूसरा लायन सफारी। इसी को देखते हुए मास्टर प्लान बनाया गया और उसके बाद इसकी मंजूरी केंद्र सरकार से ली गई, जिसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। अब इस प्रोजेक्ट को धरातल पर लाने की तैयारी है।
वन विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि अगले माह तक इसका कार्य शुरू होने की संभावना है। चिड़ियाघर का एरिया 104 हेक्टेयर है। यहां 81 प्रजातियों के 443 जानवर व पक्षी नजर आएंगे। यह एनसीआर का सबसे बड़ा चिड़ियाघर होगा। सालाना 25 लाख तक पर्यटक यहां आ सकते हैं, जिससे अलवर की अर्थव्यवस्था को चार चांद लगेंगे।
पीडब्ल्यूडी एचएन कटीघाटी के मोड़ से सीधे भूगोर तिराहे पर फ्लाईओवर बनाने की योजना बना रहा है, जिसका सर्वे दिल्ली की एक एजेंसी कर रही है, जो अंतिम चरण में है। इससे वाहन सीधे भूगोर तिराहे से हनुमान सर्किल आएंगे। साथ ही पुराने जयपुर मार्ग को भी इस फ्लाईओवर से जोड़ने की तैयारी है। यह प्रोजेक्ट भी दो माह में जमीन पर आना शुरू हो सकता है।
Updated on:
15 Mar 2026 10:29 am
Published on:
15 Mar 2026 10:18 am
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