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बाघों पर नजर रखेगी तीसरी आंख,हर क्षण रहेगी नजर

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अलवर

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Hiren Joshi

Oct 23, 2018

radio collar to be fit to sariska tiger

बाघों पर नजर रखेगी तीसरी आंख,हर क्षण रहेगी नजर

अलवर. सरिस्का में लगातार गायब हो रहे बाघों पर वन्य विभाग ने तीसरी आंख से चौकीदारी की तैयारी कर ली है। इसके लिए जर्मनी से जीपीएस तकनीक के रेडियो कॉलर मंगवाए गए है। सबसे पहले बाघ एसटी- 15 पर यह रेडियो कॉलर लगाया जाएगा। इसके लिए बुधवार को जयपुर से चिकित्सक के सरिस्का पहुंचने की संभावना है। चिकित्सक के पहुंचने के बाद बाघ को ट्रंक्यूलाइज कर रेडियो कॉलर लगाया जाएगा। बाघ एसटी-15 की टैरिटरी बड़ी है, इस कारण उसकी अभी से तलाश की जा रही है।
सरिस्का प्रशासन इन दिनों बाघ की तलाश में जुटा है। बाद में अन्य टाइगरों को भी नई तकनीक के रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे।

सरिस्का के डीएफओ हेमंत सिंह बताते है कि अभी चार टाइगर के रेडियो कॉलर सही काम कर रहे है। सरिस्का में अभी टाइगर एसटी-4, 6, 9 व 13 के रेडियो कॉलर ठीक से काम कर रहे हैं। वहीं एसटी-2 की उम्र ज्यादा होने व टैरिटरी छोटी होने के कारण रेडियो कॉलर लगाने का फैसला बाद में किया जाएगा।

अन्य बाघों के लगेंगे रेडियो कॉलर

सरिस्का में अन्य बाघों के भी जीपीएस तकनीक के नए रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे। बाघ एसटी-15 के बाद बाघिन एसटी-8 तथा बाद में टाइगर एसटी-7, 10 व 3 के भी नई तकनीक के रेडियो कॉलर लगाने की योजना है। बाद में बाघिन एसटी-12 व 14 के भी रेडियो कॉलर लगाए जाएंगे। फिलहाल इन बाघिनों के साथ शावक होने के कारण रेडियो कॉलर लगाना संभव नहीं है।