
बारिश ने सुधारी अलवर की आबोहवा, लेकिन भिवाड़ी सबसे ज्यादा प्रदूषित
जिले में पिछले दिनों हुई बारिश से आबोहवा स्वच्छ हो गई है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अलवर में एक्यूआई 97 दर्ज किया गया है जो स्वास्थ्य की दृष्टि से अच्छा है। हालांकि भिवाड़ी अभी प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर है। यहां एक्यूआई 150 दर्ज किया गया है।
दिल्ली से नजदीक होने की वजह से अलवर जिले में प्रदूषण ज्यादा रहता है। शहर के नजदीक ही इंडस्ट्रियल एरिया होने की वजह से यहां प्रदूषण ज्यादा रहता है। अब बारिश से अलवर में भी प्रदूषण कम हुआ है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी शुरू होने वाली है। इससे कारखानों, उद्योगों, वाहनों और कई प्रकार के साधनों के माध्यम से निकलने वाली प्रदूषित हवा से एक्यूआई स्तर में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों की बात करें तो पिछले दिनों हुई बारिश से इनमें प्रदूषण कमी आई है। हालांकि अब भी कुछ क्षेत्र ऐसे हैंए जहां एक्यूआई 100 से ऊपर बना हुआ है।
प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 30 जिलों में से 21 जिलों की आबोहवा में बारिश के बाद सुधार आया है और 9 जिलों की आबोहवा अब भी खराब है। प्रदेश में 48 एक्यूआई के साथ डूंगरपु और 62 एक्यूआई के साथ राजसमंद की आबोहवा सबसे शुद्ध रही। राजधानी जयपुर के प्रदूषण स्तर में भी सुधार हुआ है। यहां एक्यूआई 95 दर्ज किया गया है।
ठंडी हवा से आती है सूचकांक में कमी
ईएसआईसी हॉस्पिटल के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सरोज कुमार सुमन ने बताया कि उद्योगों से निकलने वाले प्रदूषण के कण वायुमंडल में तैरते रहते हैं और ये जीव.जंतु और मानव जीवन के लिए घातक साबित होते हैं। इसमें सबसे अधिक फेफड़ों की बीमारियां पनपती हैं। इससे अस्थमा जैसी बीमारी होती है। प्रदूषण से ह्दयए लिवरए सांस संबंधितए अलर्जी और कई प्रकार की अलग.अलग बीमारियां हो जाती है। इसके बचाव के लिए प्रदूषण वाले क्षेत्रों में मास्क का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए। ताकि प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से बचा जा सकें। बारिश की बूंदों के साथ वायुमंडल में फैल प्रदूषण के कण जमीन में गिर जाते है। प्रदूषण को कम करने में बारिश बहुत सहयोग करती है।
Published on:
05 Mar 2024 06:57 pm
