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राजस्थान के मुख्य सचिव ने थानागाजी गैंग रेप मामले में दिया बड़ा बयान, कार्रवाई को लेकर कह डाली बड़ी बात

थानागाजी गैंग रेप केस में किस स्तर पर कितनी देरी और लापरवाही हुई, इसकी रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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अलवर

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Hiren Joshi

May 11, 2019

Rajasthan Chief Secretory DB Gupta Statement In Thanagazi Gang Rape

राजस्थान के मुख्य सचिव ने थानागाजी गैंग रेप मामले में दिया बड़ा बयान, कार्रवाई को लेकर कह डाली बड़ी बात

अलवर. प्रदेश के मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने कहा कि थानागाजी सामूहिक बलात्कार प्रकरण में पहले जांच में तय होगा कि किस स्तर पर कितनी देरी हुई, बाद में दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्य सचिव गुप्ता शुक्रवार को सरिस्का गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे।

मुख्य सचिव गुप्ता ने कहा कि सरकार ने प्रकरण को गंभीरता से लिया है। मामले की जांच संभागीय आयुक्त व डीआईजी विजिलेंस को सौंपी गई है। संभागीय आयुक्त 10 दिन में और डीआईजी 7 दिन में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेंगे। इन जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि किस अधिकारी की किस स्तर कितनी देरी हुई है। जांच में दोषी पाए जाने पर सम्बन्धित दोषी अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि मामले में आरोपियों के खिलाफ जल्द न्यायालय में चालान पेश हो और दोषी लोगों को सजा मिले। प्रकरण में पीडि़ता को नियमानुसार सहायता प्रदान की गई है।

आचार संहिता के बाद बैठकों में सुनेंगे पीड़ा

मुख्य सचिव गुप्ता ने कहा कि अभी प्रदेश में चुनाव की आचार संहिता लागू है, 27 मई को आचार संहिता हटने के बाद प्रदेश व जिला स्तर पर मॉनिटरिंग कमेटी की बैठकें होगी, इनमें लोगों की समस्याओं को सुनकर कार्रवाई कराई जाएगी।

महिलाओं के मामलों की एफआईआर जरूरी

उन्होंने कहा कि महिलाओं के मामले में पहले थानों में एफआईआर दर्ज करने की जरूरत है, ऐसे मामलों की जांच पुलिस उप अधीक्षक स्तर के अधिकारी से कराई जाएगी। यदि थानों में एफआईआर दर्ज नहीं करते हैं तो पुलिस अधीक्षक स्तरि पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।

भले ही नम्बर बढ़े, एफआईआर में नहीं हो विलम्ब

पिछले दिनों महिला यौन शोषण के कई मामले उजागर होने के सवाल पर मुख्य सचिव ने कहा कि भले ही अपराध के मामलों की संख्या बढ़ जाए, लेकिन किसी भी पीडि़त की एफआईआर दर्ज होने में विलम्ब नहीं होना चाहिए। सरकार का प्रयास है कि महिला उत्पीडऩ व यौन शोषण मामलों में सीधे ही ऑनलाइन एफआईआर दर्ज हो, लेकिन अभी देश में इस प्रकार की व्यवस्था नहीं है।