
Rajasthan election 2018 : क्या अलवर से जितेन्द्र सिंह लड़ेंगे चुनाव?
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस टिकटों पर दिन भर पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं, लोगों भी टक टकी लगाए रहे। कांग्रेस की सूची को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा रही तो पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के चुनाव लडऩे या नहीं लडऩे को लेकर रही। देर रात तक टिकटों के दावेदार, कार्यकर्ता एवं लोग टीवी के सामने बैठकर सूची जारी होने का इंतजार करते रहे, लेकिन पार्टी की ओर से सूची जारी नहीं की जा सकी।
भाजपा की ओर से पहली सूची में अलवर जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों से प्रत्याशियों की घोषणा के एक दिन बाद सोमवार को कांग्रेस की सूची का सभी को इंतजार रहा। सुबह से कार्यकर्ता व अन्य लोग सूची को लेकर कयास लगाने में जुट गए। दिन भर लोग विभिन्न सीटों पर प्रत्याशियों के नामों को लेकर कयास लगाते रहे। दिन भर अफवाहों का दौर भी जारी रहा। कांग्रेस सूची को लेकर सबसे ज्यादा उत्सुकता का कारण अलवर शहर सीट से पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के नाम की घोषणा का रहा, लेकिन न सूची आई और न ही उनका नाम घोषित हो पाया।
एक-दो सीट छोड़ शेष पर सिंगल पैनल बनने की चर्चा
दिल्ली में कांग्रेस की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक सम्पन्न होने के बाद स्थानीय पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं व टिकट के दावेदारों में जिले की एक-दो सीटों को छोडकऱ शेष पर प्रत्याशी के नाम पर सहमति बनने की चर्चा रही। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार फिलहाल कठूमर, बहरोड़ पर सिंगल पैनल पर सहमति नहीं बन सकी है। शेष ज्यादातर सीटों पर सिंगल पैनल तैयार कर लिया गया है। अलवर शहर को लेकर चर्चा रही कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह के नाम पर सर्व सम्मति है, लेकिन उनके चुनाव नहीं लडऩे की स्थिति में यह सीट वैश्य या सैनी वर्ग के किसी दावेदार को दी जा सकती है।
Published on:
13 Nov 2018 03:01 pm
