5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

राजस्थान की कोई भी सरकार हो, राशन से पहले करती है शराब का बंदोबस्त, जानिए कैसे

राजस्थान सरकार प्रदेश में राशन से पहले शराब का बंदोबस्त करती है। चाहे भाजपा की सरकार हो या कांग्रेस की, दोनों सरकारें शराब को प्राथमिकताएं देती है।
less than 1 minute read
Google source verification

अलवर

image

Hiren Joshi

Mar 05, 2019

Rajasthan Government Allotment Wine Shops Before Ration Shops

राजस्थान की कोई भी सरकार हो, राशन से पहले करती है शराब का बंदोबस्त, जानिए कैसे

अलवर. राजस्थान की कोई भी सरकार हो। प्रदेश में राशन से पहले शराब का बंदोबस्त करती आ रही हैं। अलवर सहित प्रदेश में भर में सैकड़ों राशन की दुकानों का आवंटन तीन साल से अटका है। जबकि पूरे राजस्थान में मंगलवार को कुछ घण्टे में 6 हजार 749 दुकानें आवंटित हो जाएंगी। शराब की दुकानों को आवंटित करने में जरा विलम्ब नहीं होता। जबकि राशन की तुलना में शराब दुकानों के आवेदक कई गुना अधिक होते हैं। इसके बावजूद 2015 से राशन की दुकानों का आवंटन होने का इन्तजार है। शराब के ठेकों से सरकार की मोटी कमाई होती है। शराब की दुकान के आवेदन में राजस्थान सरकार को सैकड़ों करोड़ों का राज्स्व मिला है। शायद यही कारण है कि सरकार राशन से ज्यादा शराब को प्राथमिकता दे रही है।

तीन साल से अटकी हैं राशन की दुकानें

पूरे प्रदेश में करीब 250 से अधिक राशन की दुकानें तीन सालों से अटकी हैं। साल 2015 में अलवर जिले में राशन की दुकानों के आवेदन मांगे गए थे। उसके बाद कोर्ट से स्टे आ गया। कुछ दुकानें अन्य कारणों से भी आवंटित नहीं हो सकी है। अकेले अलवर जिले में अलवर शहर, गोविन्दगढ़ व कठूमर में करीब 40 दुकानों को आवंटन नही हो पाया है। इस तरह पूरे प्रदेश में करीब 250 राशन की दुकानों का आवंटन होना बाकी है।

245 शराब दुकानों का आवंटन आज

अलवर जिले में 206 देशी मदिरा समूह व 39 अंग्रेजी दुकानों का आवंटन मंगलवार को लॉटरी से हो जाएगा। इस तरह पूरे प्रदश में 1 हजार अंगे्रजी दुकान और 5 हजार 749 देशी मदिरा समूह के ठेके आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद ये सभी दुकानें तय समय में दूसरे आवेदकों को मिल जाती है।