
राजस्थान चुनावों में भाजपा की नैया पार कराने के लिए आएंगे इस राज्य के नेता, इन क्षेत्रों में करेंगे प्रचार
अलवर. आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा की नैया पार कराने का जिम्मा पार्टी ने पड़ोसी राज्य हरियाणा के पदाधिकारियों को सौंपा है। चुनाव में पार्टी का जोर सोशल कनेक्टिविटी पर है, इस कारण हरियाणा से सटे जिले अलवर व भरतपुर, सीकर, झुंझुनूं व चूरू में वहां के पार्टी पदाधिकारियों की डयूटी लगाई गई है। इनमें हरियाणा प्रदेश के उपाध्यक्ष व प्रवासी जिला प्रभारी अरविंद यादव, प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव को चूरू, गोविंद भारद्वाज को सीकर व ऋषि शर्मा को झुंझुनूं की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं हरियाणा के प्रदेश महामंत्री संदीप जोशी को राजस्थान का प्रांतीय संयोजक बनाया गया है।
गत अलवर लोकसभा उपचुनाव में भाजपा ने सोशल कनेक्टिविटी के लिए प्रदेश भर के नेताओं को अलवर भेजा। चुनाव के दौरान इन नेताओं ने सोशल कनेक्टिविटी के प्रयास भी किए, लेकिन परिणाम भाजपा के अनुकूल नहीं रह पाए। अब विधानसभा चुनाव में प्रदेश के नेता अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों में व्यस्त हैं, इस कारण उनका दूसरे इलाकों में जा पाना संभव नहीं है। यही कारण है कि भाजपा अब विधानसभा चुनाव में सोशल कनेक्टिविटी से मतदाताओं को साधने के लिए पड़ोसी राज्यों का सहारा लेगी। इनमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात आदि राज्य शामिल हैं। इन राज्यों से सटे जिलों में यहां से वरिष्ठ नेताओं को भेजने की रणनीति तैयार की गई है।
अलवर, भरतपुर की 13 सीटों का जिम्मा यादव को सौंपा
हरियाणा प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद यादव को अलवर जिले की 11 व भरतपुर जिले की कामां व भरतपुर शहर सीट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं हरियाणा प्रदेश को राजस्थान के पांच जिलों की 38 सीटों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अलवर जिला प्रभारी ने अलवर जिले की 11 व भरतपुर की दो सीटों पर हरियाणा के महेन्द्रगढ़, रेवाड़ी, फरीदाबाद और गुरूग्राम के वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों को विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया है। विधानसभा चुनाव के दौरान आवश्यकता अनुसार पार्टी कार्यकर्ताओं को भी अलवर व भरतपुर सहित प्रदेश के अन्य जिलों के विधानसभा क्षेत्रों में लगाया जाएगा।
सोशल कनेक्टिविटी है पार्टी की रणनीति
भाजपा ने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए सोशल कनेक्टिविटी की रणनीति तैयार की है। इसके तहत जिस तरह हरियाणा सीमा से सटे क्षेत्रों की कमार हरियाणा के पदाधिकारियों को सौंपी गई है, उसी तरह उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़े क्षेत्रों की कमान यूपी के नेताओं को सौंपी जा रही है। इसी तरह गुजरात से सटे इलाकों की भी योजना है। पार्टी के अनुसार इस जिम्मेदार के अहम मायने हैं। राजस्थान में हरियाणा के सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में रिश्तेदारी हैं, वहीं लोगों में रोटी व बेटी का व्यवहार भी बड़े पैमाने पर होता है। पार्टी सोशल कनेक्टिविटी से ऐसे रिश्तेदारियों एवं लोगों को साधने के प्रयास में हैं। पार्टी ने हरियाणा के जिन नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी हैं, वे संगठन क्षमता के मामले में दक्ष माने जाते हैं। ये नेता पहले भी उत्तराखंड व गुजरात सहित अन्य राज्यों में चुनाव में प्रभारी का दायित्व संभाल चुके हैं।
जल्द ही अलवर आकर लेंगे तैयारियों का जायजा
जल्द ही अलवर व भरतपुर आकर चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे और संगठन पदाधिकारियों से चर्चा करेंगे। पार्टी ने राजस्थान के चार जिलों के 38 विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी हरियाणा प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं को सौंपी है।
अरविंद यादव, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष हरियाणा व प्रवासी जिला प्रभारी अलवर, विधानसभा चुनाव
Updated on:
02 Oct 2018 10:40 am
Published on:
02 Oct 2018 10:40 am
