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राजस्थान का रण : अलवर जिले में हर तरफ कांग्रेस को लेकर एक ही सवाल, आप भी जानिए

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अलवर

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Hiren Joshi

Oct 04, 2018

Rajasthan Ka Ran : Whom Will Lead Alwar Congress In Elections 2018

राजस्थान का रण : अलवर जिले में हर तरफ कांग्रेस को लेकर एक ही सवाल, आप भी जानिए

जिले की सबसे हॉट माने जाने वाली अलवर सीट को लेकर राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। दोनों दलों के नेताओं का फोकस भी शहर की इस सीट पर है। अलवर में कांग्रेस के पास राष्ट्रीय स्तर के कद्दावर नेता होने के बावजूद भी पिछले दो चुनावों से भाजपा इस सीट पर काबिज है। वर्ष 2003 में यहां से कांग्रेस उम्मीदवार जितेन्द्र सिंह ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कराई थी। ऐसे में सब तरफ एक ही सवाल उठ रहा है आखिर इस बार अलवर शहर सीट पर कांग्रेस की नैया को कौन पार लगाएगा?

चुनाव आयोग की ओर से अभी विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान भले ही नहीं हुआ हो, लेकिन कांग्रेस ने जिले में चुनावी तैयारियों को अंजाम देना शुरू कर दिया है। कांग्रेस के बड़े नेताओं का फोकस जिले की इस प्रतिष्ठित सीट पर प्रत्याशी चयन पर ज्यादा है। यहीं कारण है कि पार्टी की ओर से सर्वे एवं फीड बैक लिया जा रहा है। वैसे तो कांग्रेस में अलवर शहर से टिकट के दावेदारों की कतार है, लेकिन गत विधानसभा चुनाव में पार्टी को अपेक्षानुसार परिणाम नहीं मिल पाने से पार्टी के बड़े नेताओं में प्रत्याशी चयन को लेकर बैचेनी ज्यादा है।

अलवर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं का गृह क्षेत्र

अलवर जिले में कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हैं। इनमें पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह, एआइसीसी सचिव जुबेर खां, सांसद डॉ. करणसिंह यादव शामिल हैं। जितेन्द्र सिंह का गृह शहर होने के कारण राजनीतिक गलियारों में अलवर विधानसभा सीट का बड़ा महत्व रहा है। यहीं कारण है कि इस बार भी लोगों निगाह अलवर में कांग्रेस की पतवार संभालने वाले प्रत्याशी को खोज रही है।

लोकसभा उपचुनाव ने दी कांग्रेस को संजीवनी

अलवर लोकसभा उपचुनाव के परिणाम ने कांग्रेस को संजीवनी प्रदान करने का कार्य किया है। उपचुनाव के दौरान शहर के हालातों के चलते कांग्रेस को 25 हजार से ज्यादा मतों की बड़ी लीड मिली। इससे कांग्रेस की उम्मीद फिर से जग गई। यही कारण है कि लगातार हार के बाद भी इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट के दावेदारों की कतार लंबी है। वहीं शहर के कई प्रतिष्ठित लोग भी कांग्रेस टिकट के लिए आतुर हैं।

करीब आधा दर्जन से ज्यादा अन्य दावेदार भी कतार में

चुनाव में टिकट के लिए पार्टी से जुड़े करीब आधा दर्जन से ज्यादा नेता भी अलवर सीट पर टिकट का दावा कर रहे हैं। इनमें ज्यादातर नाम उन्हीं नेताओं के हैं, जो कि गत विधानसभा चुनाव में भी टिकट की कतार में थे।

बड़े बदलाव के मूड़ में कांग्रेस नेता

विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस नेता अलवर शहर में बड़े बदलाव के मूड में है। शहर के जातिगत समीकरणों को देखते हुए पार्टी के नेता अलवर शहर में वैश्य वर्ग में भी शहर के तीन चर्चित नामों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। पार्टी गत चुनाव की लीक से हटकर इस बार प्राथमिकता में वैश्य, सैनी सहित अन्य समाजों को भी रख रही है। इनमें दो पुरुष व दो महिलाओं के नाम शामिल हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी इन नए चेहरों में से किसी के नाम भी हरी झंडी नहीं दी गई है, लेकिन इन लोगों ने पार्टी से जुड़े नेताओं, पदाधिकारियों और शहर में विभिन्न लोगों से मेल मिलाप शुरू कर दिया है। इन संभावित नामों में एक शिक्षा क्षेत्र, एक उद्योग क्षेत्र से जुड़े हैं, वहीं महिलाओं में एक पूर्व जनप्रतिनिधि व एक पूर्व में स्थानीय स्तर पर चुनाव लड़ चुकी हैं।