
रोडवेज हड़ताल से प्राइवेट बसों की चांदी, जतना लाचार, जेब पर बढ़ा भार
रोडवेज की अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब चारों और नजर आने लगा है। 19 दिन से जारी हड़ताल के कारण अकेले अलवर जिले में अलवर, मत्स्य और तिजारा तीनों आगारों को 7 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। लोक परिवहन, प्राइवेट बस और डग्गेमार वाहन यात्रियों से ज्यादा किराया वसूल रहे हैं। यात्री ज्यादा किराया खर्च करने के बाद भी ठसाठस भरी बसों में सफर करने को मजबूर हैं। एसटी पास धारियों को दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है।
वहीं, रोडवेज बसों से छोटा-मोटा ट्रांसपोर्ट का सामान भेजने वाले लोगों के व्यापार भी असर पड़ रहा है। हालातों को देखते हुए हड़ताल के जल्द समाप्त होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। जिससे आगे जनता की परेशानी और बढऩे वाली है।
यूं तेजी से बढ़ रहा घाटा
जिले के मस्त्य नगर आगार में कुल 120 बसें हैं, जो रोजाना 44 हजार किलोमीटर दौडकऱ करीब 15 लाख रुपए का राजस्व अर्जित करती है। अलवर आगार की 98 बसें रोजाना 37 हजार किलोमीटर चलकर 13 लाख रुपए कमाती है। इसी प्रकार तिजारा आगार की 74 बसें प्रतिदिन 26 हजार 600 किलोमीटर दौड़ 9 लाख रुपए की आय अर्जित करती है। लगातार 19 दिन से रोडवेज बसों की चक्काजाम हड़ताल से किसी भी आगार में एक भी बस का संचालन नहीं हो रहा है। जिसके कारण अब तक मत्स्य नगर आगार को 2.85 करोड़, अलवर आगार को 2.47 करोड़ और तिजारा आगार को 1.71 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हो चुका है। तीनों आगारों का कुल नुकसान 7.03 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
रोडवेज बसों में दैनिक यात्रा करने वाले लोग शैड्यूल थर्ड (एसटी) पास बनवा लेते हैं। ये मासिक पास सम्बन्धित मार्ग के कुल किराये के 50 प्रतिशत किराये का बनता है। यात्री एक माह के कुल किराये की 50 फीसदी राशि एडवांस जमा कराकर पास बनवा लेते हैं। इसके बाद पूरे माह दैनिक पास से यात्रा करते हैं। वहीं, छात्रों का वार्षिक एसटी पास बनता है, जिससे वह रोडवेज बसों में आधा किराया देकर यात्रा कर सकते हैं। रोडवेज बसों की हड़ताल से एसटी पास धारी यात्रियों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। रोडवेज से यात्री पास बनवाने के बाद भी उन्हें प्राइवेट बसों में किराया खर्च कर सफर करना पड़ रहा है। ं रोडवेज बसों में विद्यार्थी, विकलांग, वरिष्ठ नागरिक और महिलाओं आदि को किराये में छूट मिलती है, लेकिन प्राइवेट बस संचालक यात्रियों को कोई छूट प्रदान नहीं कर पूरा किराया वसूल रहे हैं। कई रूटों पर छोटे-छोटे गांवों की सवारियों को भी नहीं बैठा रहे हैं। अलवर-भिवाड़ी रूट पर दिल्ली तक की कहकर यात्रियों को बैठाते हैं और भिवाड़ी ले जाकर उतार देते हैं। इसके अलावा लोकल बसों में एक्सप्रेस बसों का किराया वसूल रहे हैं। ऐसे में यात्रियों की जमकर जेब कट रही है।
प्राइवेट बसों ने बढ़ा दिया किराया
रूट रोडवेज बसों किराया प्राइवेट बसों का (रुपए में)
अलवर से नौगांवा 40 50
अलवर से तिजारा 70 80
अलवर से भिवाड़ी 110 130
अलवर से बहरोड़ लोकल 60 व एक्सप्रेस 70 70
अलवर से थानागाजी 45 50
अलवर से राजगढ़ 40 40
अलवर-भरतपुर 115 लोकल व एक्सप्रेस 130 130
Updated on:
06 Oct 2018 04:04 pm
Published on:
06 Oct 2018 04:04 pm
