4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Roadways : यात्रियों की जान को खुलेआम जोखिम में डाल रहा राजस्थान रोडवेज, कर रहा है इतनी बड़ी लापरवाही

https://www.patrika.com/alwar-news/
2 min read
Google source verification

अलवर

image

Hiren Joshi

Nov 12, 2018

Rajasthan Roadways Using Contract Basis Drivers To Run Buses

Rajasthan Roadways : यात्रियों की जान को खुलेआम जोखिम में डाल रहा राजस्थान रोडवेज, कर रहा है इतनी बड़ी लापरवाही

अलवर. रोडवेज के अधिकारी निजी हितों की खातिर मुख्यालय के आदेशों की भी परवाह नहीं कर रहे हैं। अलवर में ठेके के चालक और परिचालक रोडवेज बसों को दौड़ा रहे हैं। जबकि मुख्यालय के स्पष्ट आदेश हैं कि रोडवेज बसों के संचालन के दौरान चालक व परिचालक में से व्यक्ति रोडवेज का होना चाहिए। इससे सवारियों की जान पर पूरा जोखिम बना हुआ है। वहीं, रोडवेज के राजस्व को भी चूना लग रहा है।

राजस्थान पथ परिवहन निगम के कार्यकारी निदेशक (यातायात) यूडी खान ने 3 अक्टूबर 2018 को पत्र जारी कर सभी आगारों के मुख्य प्रबंधकों को निर्देशित किया कि रोडवेज बसों के संचालन के दौरान चालक व परिचालक में से एक व्यक्ति रोडवेज का होना चाहिए। साथ ही निजी अनुबंधित वाहनों पर बस सारथी नहीं लगाए जाएं तथा जिन वाहनों पर सहारा कम्पनी के अनुबंधित चालक चल रहे हैं उन पर भी बस सारथी नहीं लगाया जाए। इन आदेशों के पीछे निगम के राजस्व की चोरी को रोकना था। मुख्यालय के इन आदेशों की अलवर में पूर्णतया: पालना नहीं हो रही है। अब यहां रोडवेज बसों में निजी चालक और परिचालक रोडवेज बसों को दौड़ा रहे हैं।

यूं उड़ा रहे आदेशों की धज्जियां

निगम सूत्रों के मुताबिक अलवर आगार की ओर से 4 नवम्बर तक शैड्यूल संख्या ए-38 और ए-39 अलवर से मथुरा गोविंदगढ़ व अन्य शैड्यूल पर सहारा कम्पनी के चालक व बस सारथी साथ चले हैं। अलवर आगार के शैड्यूल संख्या ए-52 पर आज तक सहारा कम्पनी का चालक और बस सारथी को चलाया गया हुआ है। वहीं, दूसरी तरफ मत्स्य नगर आगार में भी मुख्यालय के आदेश प्राप्त होने के कई दिन बाद तक भी अक्टूबर माह शैड्यूल संख्या एक्सट्रा 7 बजे व एक्सट्रा 6 बजे अलवर से देहली वाया सोहना व अन्य शैड्यूल पर बस सारथी के साथ चलाया गया था। फिलहाल मत्स्य नगर आगार में मुख्यालय के इन आदेशों की पालना की जा रही है।

राजस्व में चोरी और जान जोखिम में

निगम मुख्यालय ने रोडवेज के राजस्व की चोरी और सवारियों के जान माल की सुरक्षा के उद्देश्य से ये आदेश जारी किए हैं। रोडवेज बसों पर निजी कम्पनी के चालक और परिचालक एक साथ चलने से राजस्व चोरी की संभावना अधिक रहती है। साथ ही सवारियों की जान पर भी पूरा जोखिम बना रहता है। यदि रोडवेज बसों पर चालक व परिचालक में एक व्यक्ति रोडवेज कर्मचारी रहेगा तो राजस्व चोरी की संभावना कम रहेगी तथा आय में भी बढ़ोतरी होगी। इसके अलावा बसों का संचालन सुरक्षित तरीके से होगा।

क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी

मुख्यालय से आदेश प्राप्त होने के कुछ दिन तक रोडवेज बसों पर कम्पनी के चालक व बस सारथी एक साथ चलाए गए थे, लेकिन अक्टूबर माह में ही उन्हें हटा दिया गया। फिलहाल सभी गाडिय़ों पर मुख्यालय के निर्देशानुसार चालक व परिचालकों की ड्यूटी लगाई जा रही है।
रामजीलाल मीणा, मुख्य प्रबंधक, मत्स्य नगर आगार।

दीपावली पर रोडवेज के काफी चालक व परिचालक छुट्टी पर चले गए थे। इस कारण निजी कम्पनी के चालक व बस सारथी की एक साथ ड्यूटी लगा दी गई थी। जल्द ही उन्हें हटा दिया जाएगा।
गिर्राज सैनी, प्रबंधक संचालन, अलवर आगार।