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राजस्थान में राशन के पीछे कई किलोमीटर दौड़ लगाने को मजबूर हैं गरीब, हजारों लोगों को नहीं मिल पा रही यह सुविधा

प्रदेश के हजारों लोगों को राशन लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को राशन के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है।
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अलवर

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Hiren Joshi

Apr 22, 2019

Ration Supply In Rajasthan

राजस्थान में राशन के पीछे कई किलोमीटर दौड़ लगाने को मजबूर हैं गरीब, हजारों लोगों को नहीं मिल पा रही यह सुविधा

अलवर. इन दिनों लोकसभा चुनाव के कारण नेताजी वोटरों के पीछे भाग रहे हैं और विभाग की गलती के कारण गरीब परिवार राशन पाने को भागदौड़ कर रहे हैं। गत मार्च में बदली व्यवस्था के कारण प्रदेश में करीब 30 से 40 हजार बीपीएल, अन्त्योदय व एपीएल कार्डधारकों को एक व दो रुपए किलो के अनाज के लिए 10 से 15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। तकनीकी गड़बड़ी के कारण हजारों उपभोक्ताओं के राशनकार्ड दूर दराज के राशन डीलरों से जोड़ दिए गए। शिकायत देने के बाद भी संशोधन नहीं हो रहे है।

ये हैं हालात

अलवर जिले की तहसील बानसूर के रामपुर में करीब 150 से 200 उपभोक्ताओं के कार्ड 10 से 15 किलोमीटर दूर छींड, रामपुर, हमीरपुर के डीलर के यहां जोड़ दिए। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता का कॉर्ड जिस राशन डीलर से जुड़ा है वे वहीं से राशन ले सकते हैं। जबकि इससे पहले उपभोक्ता कहीं से भी राशन ले सकता था। गूंता शाहपुर के करीब 150 से अधिक उपभोक्ता इसी वजह से राशन नहीं ले पाए हैं। पूरे जिले में ऐसे करीब 3 हजार से अधिक परिवार हैं।

प्रदेश में 40 हजार से अधिक

पूरे प्रदेश में करीब 40 हजार से अधिक बीपीएल, स्टेट बीपीएल, एपीएल व अन्त्योदय के उपभोक्ताओं को दो रुपए किलो व एक रुपए किलो गेहूं नहीं मिल पा रहा है।

किसे कितना अनाज

बीपीएल, स्टेट बीपीएल व अन्त्योदय योजना के परिवारों को एक रुपए किलो गेहूं मिलता है। एक व्यक्ति को पांच किलो गेहूं प्रतिमाह मिलता है। एपीएल परिवारों को दो रुपए किलो गेहूं दिए जाने का प्रावधान हैं। एनएफएसए योजना से जुड़े परिवारों को भी गेहूं मिलता है।

तुरंत कर रहे हैं दुुरुस्त

जिन उपभोक्ताओं के कार्ड दूर-दराज के डीलरों से जुड़ गए हैं उनको तुरंत दुरुस्त कर रहे हैं। यह गलती ऑपरेटर के स्तर पर हुई है। अब दुरुस्त करा रहे हैं।
-अमृत लाल, डीएसओ अलवर