9 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

भवानी तोप से काली मोरी तक लगेगी रोड लाइट, इस पर क्यों उठ रहे सवाल?

भवानी तोप सर्किल से काली मोरी तक का मार्ग अब रोशनी से जगमग होगा। यूआईटी ने रोड लाइट लगाने के लिए टेंडर कर दिया गया। इस मार्ग के डिवाइडर को भी चमकाया जा रहा है।

less than 1 minute read
Google source verification

representative picture (patrika)

भवानी तोप सर्किल से काली मोरी तक का मार्ग अब रोशनी से जगमग होगा। यूआईटी ने रोड लाइट लगाने के लिए टेंडर कर दिया गया। इस मार्ग के डिवाइडर को भी चमकाया जा रहा है। फूलदार पौधे लगाए गए हैं। उधर, रोड लाइट के इस टेंडर में खेल होने के आरोप लगे हैं। इसकी शिकायत सरकार के पास भेजी गई है।

कुछ इंजीनियरों की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। रेलवे स्टेशन से लेकर कटीघाटी तक मार्ग कॉरिडोर के रूप में बनाया गया है। इसी मार्ग की रफ्तार बढ़ाने के लिए पीडब्ल्यूडी व यूआईटी ने भवानी तोप से लेकर ईटाराणा ओवरब्रिज तक सड़क चौड़ी की और बीच में डिवाइडर बनाया।

एफसीआई गोदाम के पास इस डिवाइडर के कारण ब्लैक स्पॉट खत्म हो गया। डिवाइडर के बीच में मोगरा आदि फूलदार पौधे लगाए गए हैं। साथ ही डिवाइडर को पेंट करके चमकाया जा रहा है। पेंट का कार्य यूआईटी ने अपनी दिशा में कर दिया है। अब पीडब्ल्यूडी का एरिया शेष हैं।

डिवाइडर के मध्य में ही करीब 200 रोड लाइटें लगाई जाएंगी। लोगों का कहना है कि विकास कार्य स्वागत योग्य हैं, लेकिन पारदर्शिता पर संदेह बने तो उसका असर परियोजनाओं की साख पर पड़ता है। अब देखना होगा कि शिकायतों पर सरकार क्या रुख अपनाती है।