
कैमरों में शावक दिखने पर टिका सरिस्का का भविष्य
सरिस्का बाघ परियोजना में वर्तमान में 11 बाघ-बाघिन व 8 शावक हैं। इन शावकों में बाघिन एसटी-10 के तीन शावक अभी दो महीने की उम्र के हैं। ये शावक लंबे समय से वनकर्मियों को दिख नहीं पाए हैं। इस कारण सरिस्का प्रशासन शावकों की तलाश में जुटा है। इसके लिए सरिस्का प्रशासन ने शावकों के आसपास के क्षेत्र में कैमरे लगवाए हैं। सरिस्का प्रशासन को उम्मीद है कि यदि शावक जिंदा है तो बाघिन के साथ इन कैमरों में जरूर दिखाई देंगे। कैमरे में शावकों के दिखाई नहीं पडऩे से सरिस्का के भविष्य पर फिर सवालिया निशान लग सकता है।
बाघ एसटी-13 है चिंता का कारण
सरिस्का में बाघ एसटी-13 चिंता का कारण है। यह बाघ एक पखवाड़े से ज्यादा समय से बाघिन एसटी-10 के पास ही धूम रहा है। सरिस्का प्रशासन को चिंता है कि यह बाघ शावकों को खतरा पहुंचा सकता है। इस बाघ का मिजाज भी अटपटा है। इस कारण चिंता ज्यादा है। बाघ का इस क्षेत्र में कई बार बाघिन से सघर्ष भी हो चुका है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि बाघिन से संघर्ष शावकों की सुरक्षा के चलते ही हुआ होगा। संभवत: बाघ ने शावकों तक पहुंचने का प्रयास किया हो और खतरे की आशंका भाप बाघिन ने बाघ को रोकने का प्रयास किया हो। वैसे ये तीनों शावक बाघ एसटी-१३ की संतान बताई जाती है।
बाघ एसटी-13 रहा सदैव समस्या
बाघ एसटी-13 सरिस्का प्रशासन के लिए सदैव से ही परेशानी का कारण रहा है। पूर्व में यह बाघ राजगढ़ वन क्षेत्र में चला गया था और करीब एक साल से ज्यादा समय तक वहीं रहा। उस दौरान यह बाघ हाइवे व रेलवे ट्रैक को पार कर दौसा जिले के गुढ़ा कटला तक पहुंच गया। राजगढ़ वन क्षेत्र में रहते यह बाघ वन विभाग व सरिस्का प्रशासन के लिए परेशानी का कारण बन गया था। बाद में मुश्किल से ट्रंक्यूलाइज कर बाघ को वापस सरिस्का लाया गया।
कैमरों को चैक कराएंगे
बाघिन एसटी-10 के शावकों की सलामती का पता कैमरों को देखने से लग पाएगा। शावकों की तलाश के लिए पिछले दिनों कैमरे लगवाए गए थे। बाघ एसटी-13 का शावकों के पास पहुंचना चिंता का कारण है।
हेमंत सिंह
डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना
Published on:
27 Feb 2019 12:27 pm
