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सरिस्का क्षेत्र में खान बचाने को सरकार जा सकती है सुप्रीम कोर्ट

अलवर. राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के आदेश के बाद सरिस्का क्षेत्र से 10 किलोमीटर परिधि में चलने वाली खानों पर गहराए संकट को लेकर सरकार सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। इसके लिए सरकार स्तर पर प्रक्रिया जारी है। एनजीटी ने पिछले महीनों आदेश जारी कर सरिस्का से 10 किलोमीटर परिधि में स्टैंडिंग कमेटी ऑफ दी नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ की ओर से पर्यावरणीय स्वीकृति के बिना खनन कार्य पर रोक लगाई थी। इस आदेश के बाद सरिस्का क्षेत्र में चलने वाली खानों के संचालन पर पाबंदी लगानी थी।  
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अलवर

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Prem Pathak

Mar 07, 2019

sariska news

सरिस्का क्षेत्र में खान बचाने को सरकार जा सकती है सुप्रीम कोर्ट

सरिस्का के 10 किलोमीटर क्षेत्र में करीब 172 खान चल रही हैं. इनमें से 101 को खनन विभाग की तरफ से पर्यावरण के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति जारी की हुई है. जबकि अन्य बिना क्लीयरेंस के चल रही है। ऐसे में 71 खान नियम के हिसाब से अवैध साबित होती हैं। वैसे एनजीटी के आदेश के मुताबिक सरिस्का क्षेत्र में चलने वाली सभी खानों का संचालन अवैध है। सरिस्का के 10 किलोमीटर दायरे में मार्बल, कोटा स्टोन सहित कई महंगे पत्थरों की खान हैं।

सरिस्का में ईको सेंसेटिव जोन घोषित नहीं

वाइल्ड लाइफ नियमों के मुताबिक जब तक किसी भी सेंचूरी में ईको सेंसेटिव जोन नोटिफाइड नहीं होता है, तब कि उस सेंचूरी के 10 किलोमीटर की परिधि में खनन कार्य करने पर प्रतिबंध है। यह शर्त सरिस्का पर भी पूरी तरह लागू होती है। यदि किसी बड़े न्यायालय से एनजीटी के आदेशों में राहत नहीं मिली तो खनिज विभाग को सरिस्का क्षेत्र में चलने वाली सभी खानों को बंद कराना होगा।

सरकार कर रही तैयारी

सरकार एनजीटी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटीशन दायर करने पर तेजी से विचार किया जा रहा है। हालांकि विभागीय अधिकारी इस बारे में सरकार स्तर पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

सरकार करेगी निर्णय

सरिस्का से 10 किलोमीटर परिधि में खानों के संचालन को लेकर एनजीटी के आदेशों को लेकर सरकार स्तर पर निर्णय किया जाना है।

रामनिवास मंगल

खनि अभियंता, अलवर