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सरिस्का sariska poccher news पर शिकारियों की बदनजर, बाघों पर फिर मंडराया खतरा

सरिस्का sariska poccher news बाघ परियोजना पर शिकारियों की बदनजर बाघों के लिए मुसीबत बन सकती है।
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अलवर

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Prem Pathak

Jul 28, 2019

sariska poccher news

सरिस्का sariska poccher news पर शिकारियों की बदनजर, बाघों पर फिर मंडराया खतरा


अलवर. सरिस्का sariska poccher news बाघ परियोजना पर शिकारियों की बदनजर बाघों के लिए मुसीबत बन सकती है। मानसून के दौरान शिकारियों की सहज पहुंच का ही नतीजा है कि पिछले 20 दिनों में सरिस्का में हथियार समेत तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया गया।

सरिस्का में शिकारियों की पहुंच कोई नई बात नहीं है। वर्ष 2000 से पहले से यहां शिकारियों की आसान पहुंच रही है। तभी तो वर्ष 2005 में खुद सरकार को सरिस्का को बाघ विहिन घोषित करना पड़ा। उस दौरान बाघ अंगों के कुख्यात तस्कर संसार चंद्र से लेकर कुख्यात शिकारी कल्या बावरिया तक का सरिस्का से सीधा कनेक्शन रहा। नतीजा यह रहा कि सरिस्का में 20 से ज्यादा बाघों का शिकार हो गया।

sariska poccher news खत्म नहीं हुआ सरिस्का पर शिकारियों का साया

sariska poccher news वर्ष 2005 में सरिस्का के बाघ विहिन होने के बाद भी शिकारियों का साया यहां बना रहा। नतीजतन वर्ष 2018 में बाघ एसटी-11 का खेत में तार का फंदा लगाकर शिकार कर दिया, वहीं शिकारी बाघिन एसटी-5 का भी शिकार करने में सफल हो गए। इतना ही नहीं पैंथर का शिकार कर शिकारियों ने उसके अवशेषों को कुएं में डाल दिया। सरिस्का में जंगली सूअर, सांभर, तीतर सहित अन्य वन्यजीवों का शिकार सामान्य बात रही।

बारिश के दिनों में शिकारियों का खतरा ज्यादा

बारिश के दिनों में सरिस्का में शिकारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसका कारण है कि बारिश से जंगल में हरियाली बढ़ जाती है, जिससे शिकारियों का पता लगा पाना वनकर्मियों के लिए आसान नहीं रहता। साथ ही बारिश में मवेशी की अवैध चराई की समस्या के चलते वनकर्मियों का ध्यान अवैध चराई व पेड़ों की कटाई रोकने पर रहता है, जिससे नाके आदि पर वनकर्मियों की कमी खलती रहती है। इससे शिकारियों के लिए प्रवेश करना आसान रहता है।

सरिस्का में स्टाफ की कमी भी कारण


सरिस्का में शिकारियों के आसान प्रवेश का बड़ा कारण यहां वनकर्मियों की कमी होना है। वर्तमान में सरिस्का में 102 बीट हैं, लेकिन इन पर दिन रात निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में वनकर्मी एवं अधिकारी नहीं है। साथ ही संसाधनों की कमी भी शिकारियों के प्रवेश में सहायक रही है।

बाघ है सरिस्का की जान

सरिस्का बाघ परियोजना का मुख्य आकर्षण बाघ है। वर्तमान में सरिस्का में 11 बाघ-बाघिन एवं 5 शावक चिह्नित हैं। वहीं करीब 100 पैंथर सहित बड़ी संख्या में अन्य वन्यजीव है। बाघों के चलते सरिस्का पर शिकारियों की बदनजर रहती है। पूर्व में यहां के हुए बाघों के शिकार का कनेक्शन दिल्ली, गुडगांवा के कुख्यात बाघ अंगों के तस्करों से रहा है। बाघिन एसटी-5 के शिकार की घटना में शिकारियों के गुडगांवा के बाघ अंग तस्करों से सम्बन्धों का खुलासा हो चुका है।

शिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई


सरिस्का में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले शिकारियों पर निगरानी के निर्देश हैं। सख्त कार्रवाई के कारण ही पिछले दिनों सरिस्का में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले दो शिकारियों को हथियार समेत व एक अन्य शिकारी को पकड़ा गया है।

सेढूराम यादव
डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना

फैक्ट फाइल

1. सरिस्का बाघ परियोजना का क्षेत्रफल- 1213.34 वर्ग किलोमीटर

2. क्रिटिकल टाइगर हैबिटाट- 881.11 वर्ग किलोमीटर

3. बफर जोन- 332.23 वर्ग किलोमीटर

4. सरिस्का में गांव बसे- 29

5. विस्थापित गांव- 3

6. विस्थापन की प्राथमिकता में गांव- 6 व परिवार 297

7. सरिस्का में 6 रेंज- सरिस्का, टहला, अकबरपुर, तालवृक्ष, अजबगढ़ व अलवर बफर जोन।

8. वर्तमान में सरिस्का में बाघों का कुनबा- 11

9. वर्तमान में सरिस्का में शावक- 5

10. बाघ पुनर्वास के बाद सरिस्का में टाइगर की मौत- 5 (बाघ एसटी-1, बाघ एसटी-11, बाघिन एसटी-5, बाघ एसटी-4 व बाघ एसटी-16 )

11. वर्तमान में सरिस्का में मेल टाइगर- एसटी-6, एसटी-13 व एसटी-15

12. वर्तमान में सरिस्का में फीमेल टाइगर- एसटी-2, 3, 7, 8, 9, 10, 12 व 14