5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बेहाल सरिस्का : अगर सरिस्का के यही हालात रहे तो कुछ सालों में बाघों का हो जाएगा सफाया

अलवर के सरिस्का टाइगर रिर्जव इन दिनों आपातकाल की स्थिति में है। यहां होम गार्ड को वेतन नहीं दिया गया, अब उन्हें हटा भी दिया है।
2 min read
Google source verification

अलवर

image

Hiren Joshi

Jan 11, 2019

Sariska Tiger Reserve Guard Not Get Salary For 9 Months

बेहाल सरिस्का : अगर सरिस्का के यही हालात रहे तो कुछ सालों में बाघों का हो जाएगा सफाया

अलवर. सरिस्का की सुरक्षा में सरकारी सेंध लगने से इन दिनों बाघों की मॉनिटरिंग भगवान भरोसे हैं। हालात यह है कि नो महीने से भुगतान नहीं मिलने से होमगाडर््स को डयूटी से हटा लिया गया है, वहीं विलेज वॉलिटिंयर ने मानदेय नहीं मिलने पर बाघों की मॉनिटरिंग से पल्ला झाडऩे लगे हैं।

वनकर्मियों की टोटा झेल रहे सरिस्का को सरकार से भी बड़ा झटका मिला है। राज्य सरकार ने वर्ष 2018-19 की राशि जारी करने से सरिस्का में सुरक्षा का खतरा मंडरा गया है। बजट के अभाव में वर्तमान में स्थिति यह हो गई कि टाइगर की मॉनिटरिंग को सुरक्षा कर्मी ही नहीं बचे। इस कारण सरिस्का में फिलहाल बाघों की सुरक्षा भगवान की मर्जी पर निर्भर होकर रह गई है।

वेतन नहीं मिला तो होमगार्ड वापस बुलाए

सरिस्का में वनकर्मियों की कमी से निपटने के लिए होमगाड्र्स का सहारा है, लेकिन गत नो महीनों से सरिस्का में ड्यूटी करने वाले होमगाड्र्स को वेतन का भुगतान नहीं हो सका है। इस कारण गत 31 दिसम्बर को सरिस्का में डयूटी पर लगे करीब 57 होमगाड्र्स को वापस बुला लिया गया है।

विलेज वॉलिटिंयर का भी लाखों का भुगतान बाकी

सरिस्का की सुरक्षा की रीढ़ कहे जाने वाले विलेज वॉलिटिंयर का भी लाखों रुपए का भुगतान बकाया है। विलेज वॉलिटिंयर का मुख्य कार्य बाघों की मॉनिटरिंग है। भुगतान नहीं मिलने पर विलेज वॉलिटिंयर भी बाघों की मॉनिटरिंग से इनकार करने लगे है। इस कारण बाघों की मॉनिटरिंग बड़ी समस्या बन गई है।

इसलिए आई सुरक्षा की समस्या

सरिस्का में इन दिनों सुरक्षा की समस्या की वजह राज्य सरकार की ओर से चालू वित्तीय वर्ष की राशि का नहीं मिलना है। राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण (एनटीसीए) की ओर से वार्षिक प्लान के तहत सरिस्का के लिए 7.12 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी। इसमें केन्द्र का हिस्सा 60 प्रतिशत एवं राज्य की भागीदारी 40 फीसदी राशि की रहती है। केन्द्र की ओर से 4.6 करोड़ की राशि राज्य सरकार को गत जुलाई में ही हस्तातंरित की जा चुकी है, लेकिन राज्य सरकार की ओर से 3.6 करोड़ की राशि अब तक जारी नहीं की गई है। वार्षिक प्लान की राशि का उपयोग सरिस्का में पेट्रोलिंग और मॉनिटरिंग में किया जाता है। वहीं होमगाड्र्स व विलेज वॉलिंटियर को भुगतान भी इसी मद से होता है। वहीं सरिस्का में कैमरे लगाने, वॉटर होल्स पर पानी की उपलब्धता पर खर्च किया जाता है।

सरिस्का का 37 लाख पेट्रोलिंग का बकाया

सरिस्का प्रशासन का 37 लाख रुपया अभी पेट्रोलिंग का ही बकाया चल रहा है। वहीं होमगाडर््स व विलेज वॉलिंटियर का भुगतान भी बकाया है। यदि राज्य सरकार की ओर से बकाया राशि का भुगतान जल्द नहीं किया गया तो सरिस्का में पेट्रोलिंग व बाघ मॉनिटरिंग का सिस्टम कभी भी धराशायी हो सकता है। वैसे भी सरिस्का में वर्तमान में स्टाफ की संख्या स्वीकृत से मात्र एक चौथाई ही है।

उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराया

सरिस्का में होमगाडर््स व विलेज वॉलिंटियर के भुगतान की समस्या से पूर्व में कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। विभाग से जल्द राशि मिलने का इंतजार है।
हेमंत सिंह, डीएफओ, सरिस्का बाघ परियोजना