
अलवर जिले में लगाई धारा 144, कानून व्यवस्था पर रहेगी खास नजर, अगर किया यह काम तो होगी कार्रवाई
विधान सभा चुनाव-2018 को सुव्यवस्थित रूप से कराने के लिए जिले में धारा 144 लगाई गई है जो आगामी आदेश तक प्रभावी रहेगी।
जिला मजिस्ट्रेट प्रकाश राजपुरोहित की ओर से जारी आदेशानुसार जिले के समस्त राजस्व सीमा क्षेत्र में जनसुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने तथा चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष, शांतिपूर्वक एवं भयमुक्त वातावरण में कराने के लिए कोई भी व्यक्ति राजस्व सीमा क्षेत्रा में किसी भी प्रकार के विस्फोटक पदार्थ, रसायनिक पदार्थ, आग्नेय अस्त्रा-शस्त्र जैसे रिवाल्वर, पिस्तौल, राइफल, बन्दूक एवं धारदार हथियार, कुन्द हथियार ना तो साथ रखेगा और ना ही उसका प्रदर्शन करेगा। यह आदेश ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान शस्त्र पुलिस, सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अद्र्धसैनिक बल, होम गाड्र्स एवं चुनाव ड्यूटी में मतदान दलों में तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। सिक्ख समुदाय के व्यक्तियों को कृपाण रखने की छूट होगी। यह आदेश शस्त्रा अनुज्ञापत्रा नवीनीकरण के लिए आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण करवाने अथवा पुलिस थाने में जमा कराने के लिए ले जाने पर एवं राष्ट्रीय राइफल एसोसिएशन के वह सदस्य जो प्रतियोगिता की तैयारी एवं भाग लेने जा रहे हैं, उन पर लागू नहीं होगा।
कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के बिना किसी भी सार्वजनिक स्थलों पर कोई भी जुलूस सभा, धरना, भाषण आदि का आयोजन नहीं कर सकेगा एवं ना ही ध्वनि प्रसारण यन्त्र का प्रयोग कर सकेगा। ध्वनि प्रसारण यन्त्र के लिए अनुमति संबंधित उपखंड मजिस्टे्रट की ओर से सुबह 6 से रात्रि 10 बजे तक ध्वनि प्रसारण यन्त्र के उपयोग के लिए दी जा सकेगी। यह प्रतिबंध बारात एवं शवयात्रा पर लागू नहीं होगा। मंदिरो, मस्जिदों, गिरिजाघरों, गुरुद्वारों या पूजा के अन्य स्थानों का निर्वाचन प्रचार मंच के रूप में प्रयोग नहीं किया जाएगा। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक एवं राजकीय सम्पत्तियों पर कटआउट पोस्टर बैनर या अन्य प्रचार सामग्री नहीं लगा सकेंगे।
Published on:
11 Oct 2018 11:11 am
