युवाओं की चुनौती देख चुनाव मैदान में उतरने से कतराए बूढ़े नेता

अलवर. नगर परिषद चुनावों में इस बार युवाओं की चुनौती देख बूढ़े नेता चुनाव मैदान में उतरने से कतरा गए हैं। इसी के चलते नाम वापसी के बाद चुनावी रण में 60 साल से अधिक उम्र के नेता उंगलियों पर गिनने लायक ही नजर आ रहे हैं।

Subhash Raj

November, 1106:00 AM

Alwar, Rajasthan, India

अलवर नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन भरने वाले प्रत्याशियों में आधे से ज्यादा की उम्र 21 से 45 वर्ष के बीच है। वहीं 61 साल से ज्यादा उम्र के नामांकन भरने वाले प्रत्याशियों की संख्या मात्र 50 है। नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। नाम वापसी के बाद अब कुल 367 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए हैं जिनमें से 70 फीसदी से अधिक 21 से 45 साल के हैं।
इस बार सबकी निगाह चुनाव मैदान में उतरे युवाओं पर टिकी है। चुनाव में भाग्य आजमा रहे इन युवाओं में ज्यादातर चेहरे नए हैं। ये नए चेहरे ही इस बार चुनाव का खास आकर्षण हैं। सबसे ज्यादा प्रत्याशी 45 साल तक अलवर नगर परिषद में 65 वार्डों के चुनाव के लिए 446 प्रत्याशियों ने 503 नामांकन दाखिल किए। खास बात यह कि इनमें 21 से 45 वर्ष आयु वर्ग के नामांकन की संख्या 299 हैं। यानि नगर परिषद चुनाव लडऩे की इच्छुक प्रत्याशियों की कुल संख्या के आधे ज्यादा प्रत्याशी युवा हैं। इनमें भी नामांकन करने वाले दो प्रत्याशियों की उम्र महज 21 साल है, जबकि चुनाव आयोग की ओर से चुनाव लडऩे की न्यूनतम उम्र 21 साल निर्धारित की है। यानि इस बार अलवर शहर की सरकार की कमान युवाओं के हाथ रहने की उम्मीद है। शहर के तीन वार्ड ऐसे हैं जिनमें नामांकन करने वाले सभी प्रत्याशियों की उम्र 21 से 45 वर्ष के बीच है। 45 से 60 वर्ष आयु के नामांकन करने वाले प्रत्याशियों की संख्या 154 है। यानि 21 से 45 वर्ष आयु वर्ग के जितने प्रत्याशियों ने नामांकन किए, उनसे करीब आधी संख्या में 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्याशियों ने नामांकन किया। नगर परिषद अलवर में चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशियों को लेकर खास बात यह कि उम्र बढऩे के साथ ही उनकी संख्या भी कम रह गई।
अलवर शहर की सरकार बनाने के लिए चुनाव लडऩे वाले 61 साल से ज्यादा उम्र के प्रत्याशियों की संख्या कुल उम्मीदवार का करीब 10 प्रतिशत ही है। अलवर शहर की सरकार बनाने में युवा वर्ग की मुख्य भूमिका रहने की उम्मीद है। इसका कारण है कि चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों में आधे से ज्यादा की उम्र 21 साल से 45 साल के बीच है। राज्य सरकार ने इस बार निकाय चुनाव में चेयरमैन चुनने का अधिकार पार्षदों को दिया है। यानि शहर की सरकार का मुखिया के चयन में युवा पार्षदों की भूमिका मुख्य रहने की संभावना है।

Subhash Raj
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned