
अलवर में सात माह की मासूम से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को न्यायालय ने ठहराया दोषी, दोषी करार देने के बाद भी दिखी बेशर्मी
अलवर. विशिष्ट न्यायाधीश (अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) जगेन्द्र अग्रवाल ने लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव में सात माह की अबोध बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपित पिंटू पुत्र सोहनलाल को दोष सिद्ध ठहराया। मामले में न्यायालय ने सजा के लिए अपना फैसला सुरक्षित रखते हुए 21 जुलाई की तारीख निर्णय के लिए मुकर्रर की है। लक्ष्मणगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक सात माह की अबोध बालिका 9 मई 2018 को शाम करीब 6 बजे अपनी मां की गोद में थी। इसी दौरान पिंटू जोशी बच्ची को उसकी मां की गोद से खिलाने के बहाने ले गया।
काफी देर तक उसके वापस नहीं आने पर बच्ची की मां व बाप ने जब उसकी तलाश की, तो बच्ची एक स्कूल के फील्ड में लहूलुहान हालत में पड़ी मिली। आरोपित बच्ची से दुष्कर्म करने के बाद उसके मां-बाप को आता देख भाग निकला।
मामले में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपित पिंटू को गिरफ्तार कर लिया। मामले में न्यायालय ने बुधवार को आरेापी पिंटू को दोष सिद्ध ठहरा दुष्कर्म, अपहरण व पोस्को एक्ट के तहत 21 जुलाई को सजा को लेकर फैसला सुरक्षित रखा है।
यह था मामला
अलवर के लक्ष्मणगढ़ में 9 मई को पीडि़त बच्ची की मां अपनी 7 माह की बेटी को अपनी जेठानी के पास छोड़ गई। पीछे से गांव का ही बीस वर्षीय युवक पिंटू पुत्र सोहनलाल जोशी आया और बच्ची की ताई के अंधा होने का फ ायदा उठाकर बच्ची को ले गया। वह बच्ची को गांव के बाहर स्थित राउमावि के खेल मैदान के समीप घने पेड़ों के पास ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बच्ची लहूलुहान और गम्भीर रूप से जख्मी हो गई
। दुष्कर्म के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपित मौके से फरार हो गया। पास में रह रहे लोगों ने बच्ची को रोता व लहूलुहान स्थित में देखकर उसे लेकर गांव के स्टैंड पर पहुंचे और परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस पर सीओ संजना सैनी व एसएचओ मय पुलिस जाब्ते के मौके पर पहुंचे और बच्ची की नाजुक हालत देखकर उसे उपचार के लिए अलवर भिजवाया।
Published on:
19 Jul 2018 11:04 am
