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अलवर में गरीबी में बीता बचपन, अब खली की एकेडमी में बड़े-बड़े पहलवानों को कर रहे चित

शुभम यादव का बचपन अलवर में बीता, अब वे डब्ल्यूडब्ल्यूई की तैयारियों में जुटे हैं।
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अलवर

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Prem Pathak

Jul 16, 2018

Shubham yadav fighting in the great khali acadmy in jalandhar

अलवर में गरीबी में बीता बचपन, अब खली की एकेडमी में बड़े-बड़े पहलवानों को कर रहे चित

अलवर. डब्ल्यूडब्ल्यूई में भारत के द ग्रेट खली ने बड़े-बड़े पहलवानों को चित कर भारत का नाम रोशन किया। अब वे जालंधर में अपनी एकेडमी में पहलवानों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उनकी एकेडमी में अलवर में पले-बढ़े शुभम यादव उर्फ पृथ्वी सिंह भी ट्रेनिंग ले रहे हैं। शुभम यादव बड़े-बड़े पहलवानों को चित कर चुके हैं। उन्होंने डब्ल्यूडब्ल्यूई का पहला ट्रायल भी पास कर लिया है। अब वे अगले राउंड के लिए दुबई जाएंगे। वे इस समय जलांधर में रेसलिंग करते हैं। शुभम यादव को रेसलिंग की ट्रेनिंग लेते 3 साल हो चुके हैं। अब वे पेशेवर रेसलर बन चुके हैं।

अलवर में बेहद गरीबी में बीता जीवन

शुभम यादव का बचपन अलवर में बेहद गरीबी में बीता। वे जब छठी कक्षा मे पढ़ते थे, तो एक थैली दूध के लिए 7 घंटे तक चाय की दुकान पर काम किया करते। इसके बाद शुभम ने मंदिर के बाहर प्रसाद की रेहड़ी लगाना शुरु किया। इसके बाद शुभम अपने गांव महेन्द्रगढ़ चले गए। वे यहां कबड्डी खेलते थे तो गांव वाले उन्हें ताने देते थे। तानों से ही प्रेरणा लेकर वे जालंधर खली की एकेडमी में रेसलिंग सीखने गए।

खली ने की मदद

शुभम जालंधर जाने के बाद खली की एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए गए, लेकिन वहां फीस अधिक होने के कारण उन्होंने वर्ष 2016 में एक छोटे ढ़ाबे की शुरुआत की। ढ़ाबे से कुछ पैसे कमाकर उन्होंने खली की एकेडमी में प्रवेश लिया
और रेसलिंग सीखने लगे। लेकिन कुछ दिन बाद एक जहरीले सांप ने उन्हें काट दिया। इनके दोस्त ने खली से सम्पर्क किया। खली ने इनका इलाज करवाया और अपने पास बुला लिया। इसके बाद वे पेशेवर रेसलर की ट्रेनिंग लेने लगे।

अब बड़े-बड़े पहलवानों को कर रहे चित

शुभम खली की एकेडमी में 3 सालों से ट्रेनिंग ले रहे हैं। अब वे पेशेवर रेसलर बन चुके हैं और बड़े-बड़े पहलवानों को मात दे चुके हैं। उन्होंने अभी गुजरात के पेशेवर पहलवान रवि प्रजापति को हराया है। प्रजापति इससे पहले किसी भी पहलवान से नहीं हारे हैं। शुभम देसी पहलवानों की तरह धोती-कुर्ता पहनकर रिंग में उतरते हैं। वे अब डब्ल्यूडब्ल्यूई की तैयारियों में जुटे हुए हैं।