
चिकित्सा विभाग स्वाइन फ्लू की रोकथाम के इंतजाम विफल
जिले में इस साल अब तक 62 स्वाइन फ्लू मरीज मिल चुके हैं। इनमें दो मरीजों की मौत हो चुकी हैं। बुधवार को जिला कलक्टर इंद्रजीत सिंह की जांच में भी स्वाइन फ्लू पॉजीटिव की पुष्टि हुई है।
स्वाइन फ्लू जांच पर भी सवाल! :
जिले के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल में हो रही स्वाइन फ्लू की जांच भी संदेह के घेरे में हैं। विभाग की ओर से अनुबंधित क्रस्ना लैब की ओर से यहां मरीजों की स्वाइन फ्लू की जांच के सेम्पल लेकर कोरियर के माध्यम से भेजे जा रहे हैं। जिनकी रिपोर्ट दो से तीन दिन में प्राप्त हो रही है। सेम्पल को पर्याप्त तापमान में नहीं रखने से स्वाइन फ्लू की सरकारी जांच पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं
स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए जिला अस्पताल में 16 बैड आइसोलेशन वार्ड बनाया हुआ। स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए यहां दो वेंटीलेटर हैं। सीएचसी व पीएचसी पर टेमीफ्लू दवा उपलब्ध हैं। जहां स्वाइन फ्लू केस चिह्नित होने पर टीम वहां जाकर घर-घर सर्वे कर रोगी के सम्पर्क में आए व्यक्ति को बचाव के लिए टेमी फ्लू दवा दी जाती है तथा स्वाइन फ्लू से बचाव के तरीके बताए जाते हैं। विभाग के इन सब इंतजामों के बावजूद जिले में स्वाइन फ्लू का प्रकोप थम नहीं पा रहा है।
Published on:
21 Feb 2019 11:28 am
