
अलवर शहर का बाजार मुख्य रूप से होप सर्कस से त्रिपोलिया मंदिर तक स्थित है। यह शहर के पुराने व प्रमुख बाजारों में से एक है। यह बाजार करीब दो सौ साल पुराना है। यहां पहले केवल कपड़े की थोक व रिटेल की दुकानें थी, जिससे इसका नाम बजाजा बाजार पड़ा। यहां जिले सहित आसपास के लोग बड़ी संख्या में खरीदारी करने के लिए आते हैं। त्योहारी सीजन व सावों में भारी भीड़ रहती है।
यहां पहले सबसे अधिक कपड़ों का थोक का व्यापार होता था। बाद में यहां अन्य दुकानें भी आ गई और रिटेल व थोक का व्यापार शुरू हो गया। इसके अलावा यहां ज्वेलरी और जूतों के साथ बर्तनों की भी काफी दुकानें खुल गई। इससे यह बाजार गुलजार हो गया और यहां अब पूरे साल लोग यहां खरीदारी करने के लिए आते हैं।
Updated on:
10 Oct 2025 06:31 pm
Published on:
10 Oct 2025 06:31 pm
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