
कांग्रेस ने अलवर ग्रामीण से जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली पर ही लगाया दांव, टिकट मिलने के बाद मनाया जश्न
कांग्रेस ने इस बार विधानसभा चुनाव में ज्यादातर सीटों पर फिर से अपने पुराने योद्धा पर दांव खेला है। गुरुवार रात को जारी प्रत्याशियों की पहली सूची में पार्टी की ओर से अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस जिलाध्यक्ष टीकाराम जूली को प्रत्याशी घोषित किया है।
कांग्रेस यह सीट गत विधानसभा चुनाव में हार गई थी, लेकिन पार्टी ने यहां से पूर्व में विधायक रहे जूली पर फिर से विश्वास जताया है। अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में पार्टी ने इस वर्ग से युवा नेता जूली को ही चुनाव मैदान में उतारा है। जूली करीब दो दशक से कांग्रेस राजनीति में सक्रिय रहे हैं और जिला प्रमुख व विधायक भी रह चुके हैं। परिसीमन के बाद नवसृजित सीट के बाद से कांग्रेस जूली पर ही दांव खेलती रही है। वैसे भी इस विधानसभा क्षेत्र से टिकट की मांग करने वालेे दावेदारों की संख्या जिले में सबसे कम थी। क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी ज्यादा होने के कारण कांग्रेस यहां मजबूत प्रत्याशी उतारती रही है।
टिकट मिलते ही पहली बात
अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में टीकाराम जूली को उतारने के बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले पांच सालों में दोगुनी मेहनत से जनता की सेवा की है। जनता की पसंद बनने पर ही पार्टी संगठन ने उनको फिर मौका दिया है। पिछले चुनावों में वोटों का धु्रवीकरण होने के कारण हार गया था। इसके बावजूद अलवर गा्रमीण की जनता ने उनको इतना प्यार दिया कि वे पांच साल तक उनके बीच रहा। कांग्रेस सरकार के समय मत्स्य विश्वविद्यालय, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज जैसे कई बड़े विकास के कार्य कराए गए।
प्रत्याशी का ‘आधार’
आमदनी: उद्योग एवं खेती से।
सोशल मीडिया: फेसबुक पर रहते हंै सक्रिय।
पहचान: कांग्रेस में विभिन्न आंदोलनों का नेतृत्व किया
अनुभव: अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे, जिला प्रमुख चुने गए व कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रहे
कोर टीम: कांग्रेस कमेटी
अक्सर कहां मिलते हैं: मोती डूंगरी के समीप निवास व कार्यालय पर।
Published on:
16 Nov 2018 08:49 am
