रियासत कालीन जयसमंद बांध को संरक्षण की अति आवश्यकता है, क्योंकि रूपारेल नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण ने इसकी जल आपूर्ति को प्रभावित किया है।
रियासत कालीन जयसमंद बांध को संरक्षण की अति आवश्यकता है, क्योंकि रूपारेल नदी के बहाव क्षेत्र में अतिक्रमण ने इसकी जल आपूर्ति को प्रभावित किया है। 80 वर्षों से सिंचाई का कार्य करने वाला यह बांध अब सूखा पड़ा है।
अलवर के महाराजा सवाई जय सिंह ने 1910 में इस बांध का निर्माण किया था, लेकिन समय के साथ इसकी देखरेख में कमी आई है। 1996 से 2006 तक, बांध से जुड़े गांवों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध था, लेकिन अतिक्रमण के कारण अब यह पानी नहीं पहुंच रहा है।
मानसून से पहले अतिक्रमण हटाने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है, ताकि जयसमंद बांध पुनर्जीवित हो सके। जल संसाधन विभाग ने नहर की मरम्मत के लिए डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है, और प्रशासन को अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र लिखा जाएगा। अलवर के नेताओं को भी इस दिशा में कदम उठाने चाहिए।