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नीति आयोग से मिला हरियाणा सरकार को झटका,रिपोर्ट में किया यह बड़ा खुलासा!

नीति आयोग ने राज्य सरकार को आइना दिखा दिया है...

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cm manoharlal khattar

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राजेंद्र सिंह जादौन की रिपोर्ट...

(हरियाणा): हरियाणा में पानी का मुद्दा केन्द्रीय स्थान ले रहा है। अभी तक विपक्ष सरकार को घेर रहा था कि सरकारी कुप्रबन्ध के कारण सिंचाई से लेकर पीने तक के पानी का संकट खडा हो गया है। लेकिन इसी बीच नीति आयोग ने भी राज्य सरकार को आइना दिखा दिया है। नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में हरियाणा को जल प्रबन्धन में बहुत कमजोर बताया है।

यह है हरियाणा समेत अन्य राज्यों का स्कोर

आयोग के संयुक्त जल प्रबन्धन सूचकांक में हरियाणा,बिहार ओर उत्तर प्रदेश को सौ में से 38 अंक दिए गए है। झारखंड तो और नीचे 35 अंक पर चला गया है। जल प्रबन्ध के मानकों पर आधार वर्ष 2016-17 के लिए गुजरात 76 अंक लेकर प्रथम स्थान पर है। इसके बाद 69 अंक लेकर मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर है। आन्ध्रप्रदेश 68 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि पानी की कमी वाला प्रदेश राजस्थान ने अपनी जल संरक्षण योजनाओं व नवाचार के जरिए बेहतर प्रदर्शन करते हुए 48अंक हासिल किए है।

इस काम में पिछड़ रहा राज्य

वर्षा आधारित कृषि सम्बन्धी आंकडे उपलब्ध कराने वाला एकमात्र राज्य रहा है। लेकिन इस मोर्चे पर भी हरियाणा का प्रदर्शन कमजोर रहा है। हरियाणा सहभागी सिंचाई के बारे में कोई कानून या कानूनी ढांचा अधिसूचित करने में नाकाम रहा है। राज्य कोई नीति और जल नियंत्रण व्यवस्था भी आयोग को नहीं बता पाया है। जल प्रयोगकर्ताओं का कोई संघ भी नहीं स्थापित किया गया है। जल सूचकांक राज्यों द्वारा कार्य और अमल के परिणामों को दिखाता है। इसमें राज्यों में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता को नहीं दिखाया गया है। सूचकांक में 28संकेतकों के साथ नौ बडे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें भूमिगत जल,जल इकाइयों का पुनर्भरण,सिंचाई,कृषि गतिविधियां,पेयजल,नीति और प्रशासन शामिल है। जलीय स्थिति के अनुसार राज्यों को दो विशेष समूहो में विभाजित किया गया। पहला उत्तर-पूर्वी व हिमालयी राज्य और हिमालयी राज्य। रिपोर्ट में कहा गया है कि हरियाणा समेत कमजोर प्रदर्शन करने वाले राज्यों में देश की करीब आधी आबादी शामिल है।


विपक्ष ने साधा निशाना

यह नीति आयोग की रिपोर्ट है। लेकिन विपक्ष कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल राज्य सरकार पर जल कुप्रबन्ध का आरोप लगा रहे है। कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुडडा कह रहे है कि जल कुप्रबन्ध के कारण सिंचाई के साथ पीने के पानी का संकट खडा हो गया है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर का ऐलान है कि पानी के संकट को लेकर आंदोलन किया जाएगा।