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गन्ना समितियों और चीनी मिल की जुगलबंदी से किसान झेल रहे बुरे दिन

सरकार की तरफ से गन्ना किसानों के लिए तमाम सहूलियतें दिए जाने की बात की जा रही है

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अम्बेडकर नगर. सरकार की तरफ से गन्ना किसानों के लिए तमाम सहूलियतें दिए जाने की बात की जा रही है, लेकिन सच्चाई तो यह है कि गन्ना किसान इस समय सबसे बुरे दिन से गुजर रहे हैं और उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। जिले की एक मात्र अकबरपुर चीनी मिल की लापरवाही के चलते गन्ना न बेचना पाना अब किसानों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। जिसके चलते धीरे धीरे अब किसानों का गुस्सा भी सातवें आसमान पर पहुंच रहा है। जाहिर सी बात है किसान मेहनत करके अपनी फसल पैदा करे और समय से फसल न बिक पाए तो गुस्सा सातवें आसमान पर होगा ही। किसानों की समस्या को दूर करने के लिए बनाई गई सहकारी समितियां भी किसानों की समस्या से कम चीनी मिल से अपनी जुगलबंदी करने में ज्यादा नजर आती हैं। ऐसे में किसान करें तो क्या करें।

किसानों का गुस्सा भी बेअसर

मामला अकबरपुर सहकारी गन्ना समित का है, जहां पर गन्ना समित के अधिकारियों और किसानों के बीच सालाना बैठक में किसानों की समस्या को सुनकर चीनी मिल प्रबंधकों से बात चीत करके समाधान निकलना था, लेकिन वहां किसानों की बात सुनने के बजाय समिति के अधिकारी अपने साल भर का लेखा जोखा बताने में जुटे रहे और अपनी उपलब्धियां बताते रहे। ऐसे में यह बात किसी को अच्छी नहीं लग सकती थी और दूर दराज से आये किसानों को भी अच्छी नहीं लगी।

गन्ना किसानों ने बैठा में ही समिति के अधिकारीयों और चीनी मिल प्रबंधन का विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद अकबरपुर चीनी मिल और गन्ना समिति के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।

गैर जनपद से गन्ना खरीद कर पेराई का आरोप

किसानों ने आरोप लगाया है कि उनके खेतों में गन्ना की फसल खड़ी है, जिसको चीनी मिल खरीदने में तरह तरह की आनाकानी कर रही हैं और गन्ना समिति उनकी कोई मदद नहीं कर रही है। दूसरी तरफ अकबरपुर चीनी मिल और गन्ना समित के अधिकारियों की मिलीभगत से चीनी मिल बाहरी जिले से गन्ना मंगवाकर पेराई कर रही है। किसानों की माने तो चीनी मिल की लापरवाही के चलते अभी भी पूरे जिले में हजारों एकड़ गन्ने की फसल खेत में खड़ी बर्बाद हो रही है और पर्ची समय से न मिल पाने पर किसान अपना गन्ना बेच पाने में पूरी तरह से असमर्थ दिखाई पड़ रहा है।

खास बात तो यह रही कि इस पूरे आयोजन में चीनी मिल और जिले का कोई भी अधिकारी मौजूद नही रहा। किसान अब सहकारी गन्ना विकास समिति अकबरपुर के विरुद्ध न्ययालय में जाने की तैयारी में जुट गए है।

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