24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रिहंद नदी पर 50 करोड़ की लागत से बनेगा 125 मीटर लंबा बैराज, 1200 हेक्टेयर में होगी सिंचाई

Rihand river: स्वास्थ्य मंत्री के प्रयास से इस महत्वाकांक्षी योजना पर प्रारंभ हो जाएगा काम, उदयपुर व लखनपुर ब्लॉक के 6 गांवों के लोगों को मिलेगा फायदा, बैराज के माध्यम से पीएएचई गांवों में पेयजल की सप्लाई की भी कर रही तैयारी

2 min read
Google source verification
Barrage will be built on Rihand river

Rihand River

उदयपुर. Rihand river: सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत देवगढ़ में रिहंद नदी पर लगभग 50 करोड़ की लागत से देवगढ़ व्यपवर्तन योजना को छत्तीसगढ के बजट 2023 में स्वीकृति मिल गई है। स्वास्थ्य मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक टीएस सिंहदेव के प्रयास से इस महत्वाकांक्षी योजना पर अब कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इस सिंचाई योजना के कार्यान्वित होने के उपरांत उदयपुर एवं लखनपुर विकासखंड के 6 गांवों के 1200 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई हो जाएगी। पीएचई इस बैराज के माध्यम से आसपास के गांवों में पेयजल सप्लाई की तैयारी भी कर रही है। लंबे समय से क्षेत्रवासी इस योजना के जमीन पर उतरने का इंतजार कर रहे थे। मंत्री टीएस सिंहदेव के प्रयास से यह महत्वपूर्ण योजना जमीन पर आकार लेने जा रही है।


गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव लगातार क्षेत्र के किसानों के लिये काम कर रहे हैं। उनके प्रयास से ही आज श्याम घुनघुट्टा योजना का पानी नहर के अंतिम छोर तक पहुंच रहा है। देवगढ़ व्यपवर्तन योजना के लिए राज्य के 2023 के बजट में 50 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

इस योजना के तहत रिहंद नदी पर 125 मीटर लंबे बैराज का निर्माण किया जाएगा। इस बैराज की ऊंचाई 6 मीटर होगी। इसके बाएं तट नहर की लंबाई 12 किमी एवं दाहिने नहर की लम्बाई 10 किमी की होगी। उपनहरों की लम्बाई 21 किमी होगी।

यह भी पढ़ें: Video Story: कोर्ट में वकील और ठेकेदार के बीच मारपीट का वीडियो वायरल, आप भी देखें

पेयजल सुविधाओं का विस्तार
देवगढ़ व्यपवर्तन सिंचाई परियोजना के माध्यम से उदयपुर एवं लखनपुर विकासखंड के 6 गांवों में 1200 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होगी। इनमें 800 हेक्टेयर खरीफ एवं 400 हेक्टेयर रकबा शामिल है। इस योजना के कार्यान्वित हो जाने के उपरांत आसपास के गांवों को पेयजल की आपूर्ति भी की जाएगी।

यह भी पढ़ें: Video: हाथी पर बैठकर घायल मादा बाघ को किया गया ट्रैंक्यूलाइज, पिंजरे में बंद कर ले गए जंगल सफारी


बरसात के बाद प्रारंभ हो जाएगा काम
देवगढ़ व्यपवर्तन योजना को प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के साथ ही टेंंडर प्रक्रिया को प्रारंभ कर दिया गया है। आगामी 2 माह में टेंडर प्रक्रिया के पूर्ण हो जाने की संभावना है। बरसात के उपरांत इस पर कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। अनुमान है कि 2 वर्ष में यह व्यापवर्तन योजना कार्य करने लगेगा।

बड़ी खबरें

View All

अंबिकापुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग