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यहां हर साल एक दिन बाद होता है रावण-कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले का दहन

स्टेट जमाने से रियासतकालीन परंपरा का किया जाता रहा है निर्वहन, 80 फीट का बनाया गया है रावण का पुतला

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Ravan effegy

Ravan effegy

लखनपुर. हर साल विजयादशमी को रावण, मेघनाद व कुंभकर्ण के पुतले का दहन किया जाता है लेकिन सरगुजा जिले के लखनपुर में एक दिन बाद दशहरा उत्सव एक दिन मनाया जाता है। यह परंपरा स्टेट जमाने से चली आ रही है। अंबिकापुर में विजयादशमी के दिन राजा का दरबार लगता था।

इस दरबार में लखनपुर रियासत समेत उस इलाके के लोग पहुंचते थे। यहां से वापस लौटने के बाद वहां अगले दिन विजयादशमी मनाई जाती थी। इसी परंपरा का आज भी वहां निर्वहन किया जा रहा है।


रियासतकालीन परंपरा के अनुसार इस बार भी लखनपुर में एक दिन बाद धूमधाम से दशहरा मनाया जाएगा। स्थानीय मिनी साक्षरता स्टेडियम में आज 20 अक्टूबर को भव्य आतिशबाजी के बीच 80 फिट ऊंचे रावण के साथ ही मेघनाद व कुंभकरण के पुतले का दहन किया जाएगा।

रावण दहन समिति के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, कृपा शंकर गुप्ता, दिनेश गुप्ता, नरेंद्र पांडे, सुरेश साहू, दिनेश बारी, नीरज अग्रवाल, विष्णु अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, हरविंद अग्रवाल, पप्पू तिवारी, जितेंद्र वर्मा, जितेंद्र गुप्ता, सुजीत गुप्ता, ओमप्रकाश कुर्रे व अन्य लोग इस आयोजन को सफल बनाने के लिए सक्रिय हैं।

रावण दहन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। वहीं लखनपुर में दो अलग-अलग स्थान बस स्टैंड और बाजारपारा में मां की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई। बाजारपारा में वर्षों से मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना की जा रही है।


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