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अंबिकापुर.उदयपुर थाना अंतर्गत ग्राम डूमरडीह में गुरुवार की रात करीब 9 बजे ट्रैक्टर से कुचलकर 50 वर्षीय ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा ट्रैक्टर के ड्राइवर द्वारा भालू को खेत में दौड़ाने के दौरान घटी। मोबाइल से रात में ही घटना की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस दूसरे दिन शुक्रवार की दोपहर 12 बजे घटना स्थल पहुंची। पुलिस के सुस्त रवैये की वजह से मृतक का शव १४ घंटे तक घटनास्थल पर पड़ा रहा।
सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड स्थित जंगल में काफी संख्या में भालू हैं। वे अक्सर गांव में भी घुस आते हैं। कई बार भालू मवेशियों सहित ग्रामीणों को नुकसान भी पहुंचा चुके हैं। जंगल में लकड़ी लेेने जाने के दौरान भी ग्रामीणों को भालुओं ने जख्मी कर दिया है। एक अनोखा मामला उदयपुर विकासखंड से सामने आया है।
इसमें भालू के चक्कर में ट्रैक्टर चालक की लापरवाही ने ग्रामीण की जान ले ली। ग्राम डूमरडीह में गुरुवार की शाम लगभग 7 बजे जयकरण के घर धान खाली करने के बाद खा-पीकर ट्रैक्टर सवार ग्रामीण अपने गांव केशगवां लौट रहे थे। रास्ते में डूमरडीह में बाबा बगीचा मोड़ पर एक भालू दिखा, जिसे देख कर चालक ओम प्रकाश ने अन्य लोगों को कहा कि भालू दिखाता हूं।
इसके बाद उसने ट्रैक्टर को बगल के खेत में उतार दिया और भालू के पीछे दौड़ाने लगा। इस पर ट्रैक्टर में बैठे अन्य लोग विष्णु, सोनू, कुमार साय और कलेश्वर ने उसे गाड़ी रोकने के लिए कहते हुए भालू के पीछे जाने से मना किया। लेकिन ओमप्रकाश नहीं माना और ट्रैक्टर को खेत में भालू के पीछे दौड़ाना जारी रखा।
इसी दौरान ट्रैक्टर के तेज रफ्तार में होने की वजह से चालक की बगल की सीट में बैठा ग्रामीण ५० वर्षीय कुशल पिता ठाकुर नीचे गिर गया और ट्रैक्टर का पहिया चढऩे से उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद चालक ओमप्रकाश मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना उदयपुर पुलिस को सरपंच ने दी लेकिन पुलिस रिपोर्टकर्ता के इंतजार में घटनास्थल पर दूसरे दिन दोपहर लगभग 12 बजे पहुंची और शव को पीएम के लिए अस्पताल भेजा।
Published on:
03 Dec 2017 07:52 pm
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