
EOW team
अंबिकापुर. जल संसाधन विभाग में डेढ़ वर्ष पूर्व एनिकट के 96 करोड़ के टेंडर में शासन को 965 लाख रुपए का नुकसान हुआ था। इस घोटाले में विभाग के 3 बड़े अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इसके अलावा 8 रसूखदार ठेकेदारों के नाम भी ईओडब्ल्यू की सूची में है।
जांच में घोटाले की पुष्टि होने के बाद मंगलवार को ईओडब्ल्यू की 14 सदस्यीय टीम ने अंबिकापुर जिला न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम श्रीमती निरू सिंह की अदालत में चालान पेश किया। इस कार्रवाई से अधिकारियों सहित ठेकेदारों में हड़कंप मचा हुआ है। ईओडब्ल्यू की टीम में एसपी, डीएसपी, टीआई सहित अन्य शामिल हैं।
जल संसाधन विभाग में एनिकट के 96 करोड़ के टेंडर में हुए घोटाले में फरवरी 2016 में केस दर्ज किया गया था। इस टेंडर में सरकार को 9.65 करोड़ का नुकसान हुआ था। जांच में विभाग के 3 बड़े अधिकारियों व 8 रसूखदार ठेकेदारों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। 10 अक्टूबर को ईओडब्ल्यू की 14 सदस्यीय टीम सुबह १०.३० बजे अंबिकापुर जिला न्यायालय में पहुंची।
यहां उन्होंने जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर एसके पाठक (रिटायर्ड), सुपरिटेंडेंट इंजीनियर पीएन जांगड़े, एक्जीक्यूटिव इंजीनियर ओपी चंदेल के अलावा 8 ठेकेदारों के खिलाफ प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम श्रीमती निरू सिंह की अदालत में चालान पेश किया।
ईओडब्ल्यू की टीम में एसपी अरविंद कुजूर, डीएसपी अशोक जोशी, टीआई व विवेचना अधिकारी संजय देवस्थले, फरहान कुरैशी, नरेंद्र बंछोड़, रविशंकर तिवारी, अभियोजन अधिकारी ईओडब्ल्यू सुमन कुमार एक्का सहित अन्य शामिल हैं।
इन ठेकेदारों के खिलाफ चालान पेश
ईओडब्ल्यू की टीम ने जिन ठेकेदारों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया है उनमें ठेकेदार मेसर्स सुनील सिंह अंबिकापुर, मेसर्स नित्यानंद सिंह अंबिकापुर, मेसर्स उत्तम सिंह सिसोदिया अंबिकापुर, मेसर्स नुरुल हक अंबिकापुर, अरुणेंद्र प्रताप अंबिकापुर, मेसर्स द्वारिका बिल्डकॉन रामाश्रय सिंह अंबिकापुर, मेसर्स बच्छराज कुंवर कंस्ट्रक्शंस शैलेष गुप्ता अंबिकापुर व कवर्धा निवासी मेसर्स प्रकाश उपाध्याय शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू ने आरोपियों को थमाया था नोटिस
ईओडब्ल्यू की टीम ने इस प्रकरण में 10 अक्टूबर को चालान पेश करने की जानकारी देने के साथ-साथ उक्त तिथि को न्यायालय में उपस्थित होने की सूचना भी दी थी। इसके लिए आरोपियों को नोटिस जारी किया था। लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई भी आरोपी न्यायालय परिसर में नजर नहीं आया।
ईई से मारपीट के बाद खुला था मामला
पत्रिका को मिली विश्वस्त सूत्रों के अनुसार सिंचाई विभाग के ईई से ठेकेदार अतुल सिंह ने मारपीट की थी। इसके बाद मामले की शिकायत हुई थी। शिकायत पर ईओडब्ल्यू की टीम ने जांच की थी। तब पूरे प्रकरण का खुलासा हुआ था।
ठेकेदार अतुल सिंह के खिलाफ भी मिले साक्ष्य
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार ईओडब्ल्यू की प्रारंभिक जांच में ठेकेदार अतुल सिंह के खिलाफ भी साक्ष्य मिले हैं। टीम ने उनके खिलाफ भी 173(8) के तहत न्यायालय में आवेदन पेश किया है।
Updated on:
10 Oct 2017 01:20 pm
Published on:
10 Oct 2017 12:19 pm
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