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हाय रे सरगुजा नाचे की धुन व मांदर की थाप पर जमकर झूमे खेलमंत्री व सांसद, नर्तक की दर्दनाक मौत

चरचा कॉलरी के श्रमवीर स्टेडियम में संभाग स्तरीय करमा महोत्सव में आधी रात को हुआ हादसा, मौत के बाद बंद हुआ महोत्सव

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minister and MP in Karma dance

Labour minister and MP dance in Karma festival

चरचा कॉलरी. श्रमवीर स्टेडियम में आयोजित संभाग स्तरीय कर्मा महोत्सव में मांदर की थाप पर खेलमंत्री, सरगुजा सांसद, संसदीय सचिव जमकर थिरके। इस दौरान आधी रात को गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति देते समय गेड़ी की लकड़ी टूटने से एक नर्तक की दर्दनाक मौत हो गई। उसे आनन-फानन में आधी रात को ही अस्पताल ले जाया गया। चरचा में आयोजित कार्यक्रम को प्रदेश का सबसे बड़ा कर्मा महोत्सव होने की बात कही जा रही है।


आदि संस्कृति विकास समिति चरचा कॉलरी द्वारा पिछले 10 से कर्मा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। श्रमवीर स्टेडियम में शनिवार की शाम करीब 5 बजे से विधि-विधान से पूजा अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में सरगुजा संभाग के लगभग 25 कर्मा नृत्य दलों मनमोहक प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। वहीं कर्मा महोत्सव में सरगुजार संभाग से सैकड़ों लोग पहुंचे थे।

मुख्य अतिथि श्रम, खेल व युवा मंत्री भइयालाल राजवाड़े, सरगुजा सांसद कमलभान की अध्यक्षता में कार्यक्रम की शुरुआत की गई।इस अवसर पर मंत्री, सांसद, संसदीय सचिव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मांदर की थाप व अलथी-कलथी मांदर बाजे, हाय रे सरगुजा नाचे की धुन पर जमकर थिरकते नजर आए।

इस अवसर पर चम्पादेवी पावले, अजीत लकड़ा अध्यक्ष नगर पालिका शिवपुर, चरचा सूर्य प्रताप सिंह जनपद अध्यक्ष बैकुंठपुर, राजेश सिंह पूर्व नपा अध्यक्ष, बसंतराय, गिरधारी सिंह, बिरजा कुजूर, हीरालाल केवला प्रसाद, वीरेंद्र अकेले, राजेंद्र सिंह, आनंद राजवाड़े सहित बड़ी की संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।


महोत्सव कराने अब अगले साल से मिलेंगे 10 लाख
कर्मा महोत्सव में सरगुजा सांसद कमलभान, श्रम मंत्री भइयालाल राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश में अन्य लोग भी अब धीरे-धीरे कर्मा के महत्व को समझने लगे है। पहले सिर्फ आदिवासियों का त्यौहार था, लेकिन अब सभी जुड़ रहे है। हमारी संस्कृति को बचाने संवारने ेके लिए यह एक अच्छा प्रयास है। आयोजन धीरे-धीरे बढ़ रहा है। संस्कृति विभाग के माध्यम से इस कार्यक्रम को पहले 5 लाख रुपए मिलता है। कर्मा महोत्सव के लिए अगले साल से 10 लाख रुपए उपलब्ध कराया जाएगा।


बैगा ने करम देवता की कथा सुनाई
कार्यक्रम मे पूजा स्थल पर बने पण्डाल के बीच में करम डार की स्थापना की गई थी और चारों तरफ व्रती महिलाएं ज्वार को सजा कर गोल घेरा बनाकर रखी थीं। स्थानीय बैगा ने विधि-विधान से पूजा पाठ करने के बाद व्रत रखने वाली महिला, पुरूष, युवती व बच्चों को करम देवजी की कथा सुनाई। त्यौहार को मनाने के पीछे मान्यता यह है कि इस पूजा से कर्म अच्छे होते हैं। उसके सभी काम पूरे होते है। बैगा ने बताया कि जिसके कर्म अच्छे नहीं होते है, वो करमदेव की पूजा पूरी विधि विधान से करता है तो उनका भी कर्म अच्छा होता है।

ग्रामीण अंचल में त्यौहार में करमडार के पास रखे ज्वार के सामने करमा नृत्य करना ग्रामीणों की परंपरा है। कर्मा त्यौहार किसानों की फसल बुवाई से प्रारंभ होती और ज्वार बुनने का यह रश्म एक सप्ताह पहले ही शुरू होता है। कर्मा के दिन व्रत रखने वाले लोग पूजा में लाये गए वस्तु व सामग्री का विसर्जन करते है। विसर्जन करने के बाद ही अन्न-जल ग्रहण करते है।


गेड़ी से गिरकर ग्रामीण की मौत
श्रमवीर स्टेडियम में आयोजित कर्मा महोत्सव में रातभर कर्मा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। इस दौरान रात करीब 3.30 बजे गेड़ी नृत्य की प्रस्तुति देते समय गेड़ी की लकड़ी टूटने से महुवापारा निवासी पन्नालाल राजवाड़े जमीन पर गिए गए। स्थानीय लोगों की मदद से ग्रामीण को तत्काल रीजनल अस्पताल चरचा भर्ती कराया गया।

लेकिन अस्पताल के डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। वहीं दुर्घटना के बाद कार्यक्रम को रोक दिया गया और सुबह ज्वार का विसर्जन किया गया है। मामले में चरचा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और शव का पीएम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है।

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