
Atal Bihari Vajpayee in Surguja
अंबिकापुर. युगपुरुष व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की एम्स नई दिल्ली में हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। भारत की राजनीतिक पार्टियों के लोग समेत आम जनता उनके स्वस्थ होने की दुआएं कर रही हैं। कई जगहों पर हवन-पूजन हो रहे हैं। वाजपेयी जी का सरगुजा से भी कनेक्शन रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद नवंबर 2003 में सबसे पहले अंबिकापुर में उनके पहले कदम पड़े थे। इस दौरान उन्होंने राजीव गांधी पीजी कॉलेज मैदान में चुनावी सभा को संबोधित किया था। इसमें रिकॉर्ड 1 लाख से अधिक की भीड़ जमा हुई थी।
फिर पहली बार ऐसा हुआ था कि सरगुजा जिले के 8 विधानसभा सीटें, जिसपर कांग्रेस का वर्चस्व था उसे भेदा गया था और 8 में से 7 सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया था। छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों समेत सरगुजा में भाजपा को स्थापित करने में अटल जी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है।
मध्यप्रदेश से अलग होकर 1 नवंबर सन् 2000 को छत्तीसगढ़ को स्वतंत्र राज्य का दर्जा मिला था। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी भारत के प्रधानमंत्री थे। वर्ष 2003 में छत्तीसगढ़ में चुनाव का समय था। इस दौरान चुनावी सभा को संबोधित करने नवंबर 2003 में वाजपेयी जी सरगुजा आए थे।
छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के बाद पहली बार उनके कदम अंबिकापुर की धरती पर ही पड़े थे। इस समय चारों ओर कांग्रेस का बोलबाला था। पीजी कॉलेज मैदान में सभा को संबोधित करने के बाद भाजपा के पक्ष में लहर दौड़ी और विधानसभा चुनाव का परिणाम भाजपा के पक्ष में रहा। इसके बाद से भाजपा राज्य में अब तक नहीं पिछड़ी है और लगातार शासन करती आ रही है।
दुकानें बंद कर सुनने आए थे लोग
अटल बिहारी वाजपेयी के अंबिकापुर आगमन पर भीड़ टूट पड़ी थी। इस संबंध में भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी ने बताया कि ऐतिहासिक सभा में 1 लाख से अधिक भीड़ जुटने का सरगुजा में आज भी एक रिकॉर्ड है। अंबिकापुर के व्यापारी दुकानें बंद कर अटल जी को सुनने पीजी कॉलेज मैदान में पहुंचे थे। इसके अलावा सरगुजा संभाग से काफी संख्या में जनता जुटी थी। वहीं अटल जी को भारत रत्न से सम्मानित किए जाने के बाद सरगुजा में भी जमकर आतिशबाजी हुई थी।
भैया ने किया था मंच शेयर
सरगुजा भाजपा के दिग्गज व दिवंगत नेता रविशंकर त्रिपाठी के छोटे भाई प्रशांत शंकर त्रिपाठी का कहना है कि पीजी कॉलेज की चुनावी सभा में भैया ने अटल जी के साथ मंच शेयर किया था। पीएमओ से 3 लोगों का नाम जारी किया गया था।
इसमें राज्य गठन के बाद सरगुजा के पहले सांसद लरंग साय, रविशंकर त्रिपाठी व वर्तमान सरगुजा भाजपा जिलाध्यक्ष अखिलेश सोनी का नाम शामिल था। उन्होंने बताया कि भैया ने भटगांव विधायक बनने के बाद अटल जी की कविता 'हार नहीं मानूंगा-रार नहीं ठानूंगा' से अपने भाषण की शुरुआत की थी।
Published on:
16 Aug 2018 04:26 pm
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