
Collector meeting
अंबिकापुर. कृषि क्षेत्र मे समग्र एवं त्वरित वृद्धि दर प्राप्त करने तथा योजनाओं में फंडिंग गैप को रिफिलिंग कर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में विकास की गति को बढ़ाने के लिए राज्य शासन (CG Government) द्वारा विश्व बैंक (World bank) से सहायता प्राप्त नवीन प्रस्तावित 'चिराग' (छत्तीसगढ़ इन्क्लुसिव रूरल एक्सीलेरेटेड एग्रीकल्चर ग्रोथ) परियोजना की तैयारी की जा रही है।
इस परियोजना को अमलीजामा पहनाने के लिये पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर प्रदेश के 3 जिले सरगुजा, बस्तर एवं बलौदा बाजार-भाटापारा को चयनित किया गया है।
जिले में इस परियोजना के प्रस्ताव की तैयारी को लेकर सोमवार को कलक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने विश्व बैंक के 5 सदस्यीय टीम के साथ संबंधित विभाग के जिला अधिकारियों की बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ली।
इसमें जिले में कृषि, उद्यान, ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के साथ सांख्यिकीय एवं भौगोलिक जानकारी से टीम को अवगत कराया गया।
कलक्टर ने राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के तहत ग्रामों में बनाये जा रहे गोठान, बाडी विकास तथा नालों में चेक डेम निर्माण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 62 गोठानों का निर्माण कराया गया है। इनके संचालन की जिम्मेदारी स्व सहायता समूहों को दी गई है, जिससे उन्हें आजीविका का साधन उपलब्ध हो सके।
इसके साथ ही ग्रामीणों को आयमूलक कृषि से जोडऩे के लिए उन्नत बाड़ी का निर्माण कराकर सब्जी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। नाला घटक के तहत गांव के आस-पास के नालों में चेक डेम का निर्माण कर वाटर रिचार्ज के साथ सिंचाई रकबे को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
नाशपाती से लेकर टाऊ की खेती
कलक्टर ने बताया कि जिले में उद्यानिकी विभाग एवं कृषि अनुसंधान केन्द्र के सहयोग से लीची एवं नाशपाती की पैदावार होती है, वहीं मैनपाट क्षेत्र में टाऊ की खेती की जाती है। सुगंधित चावल जीराफूल एवं जवाफूल की खेती भी की जाती है। लघु वनोपज लाख, हर्रा, बहेड़, आंवला, इमली सहित तेंदुपत्ता का संग्रहण किया जाता है।
विश्व बैंक की टीम ने इन योजनाओं पर की चर्चा
वहीं विश्व बैंक की टीम द्वारा गोठानों में मवेशियों के लिए हरे चारे की व्यवस्था तथा नालों में चेक डेम निर्माण से सिंचाई रकबे में वृद्धि, टाऊ एवं लघु वनोपज प्रोसेसिंग, उद्यानिकी विकास, स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर संचालन सहित आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों हेतु संचालित योजनाओं में फंडिंग गैप के संबंध में चर्चा की गई।
ये रहे उपस्थित
बैठक में जिला पंचायत सीईओ कुलदीप शर्मा, डीएफओ अरविंद पीएम, विश्व बैंक के सीनियर पब्लिक सेक्टर स्पेशलिस्ट विक्रम मेनन, कन्सल्टेंट राघवेंद्र सिंह, सत्यव्रत मैती, अनस मोहम्मद, अपर कलेक्टर निर्मल तिग्गा, निगम आयुक्त हरेश मण्डावी, एसडीएम अजय त्रिपाठी सहित अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।
Updated on:
18 Sept 2019 05:37 pm
Published on:
18 Sept 2019 05:37 pm
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