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स्वामी आत्मानंद स्कूल के शिक्षकों का औसत परफॉर्मेंस देख नाराज हुए कलक्टर, कहा- स्कूल आकर सिर्फ नौकरी न करें…

Collector Angry on Teachers: नवपदस्थ कलक्टर ने स्वामी आत्मानंद हिंदी मेडियम स्कूल (Hindi Medium School) समेत अन्य स्कूलों का किया निरीक्षण, छात्रों से किया सवाल-जवाब, शिक्षकों (Teachers) को भी दी समझाइश, कहा- केवल नौकरी न करें, समाज व देश का भविष्य गढऩा आपके हाथ में

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अंबिकापुर. Collector Angry on Teachers: कलेक्टर कुंदन कुमार ने सोमवार को अंबिकापुर के गांधीनगर स्थित स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय, प्राथमिक शाला पटेलपारा व आंगनबाड़ी केंद्र महुआपारा का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने स्वामी आत्मानंद विद्यालय (Swami Atmanand School) के निरीक्षण के दौरान कक्षा 9 वीं एवं 10 वीं के बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि जीवन मे कुछ बनने के लिए लक्ष्य निर्धारण और जुनून जरूरी है। साधारण पढ़ाई से मंजिल नहीं मिलेगी। खूब मन लगाकर पढ़ाई करें। उन्होंने शिक्षकों के औसत परफॉर्मेंस (Average Performance) पर नाराजगी जताते हुए उन्हें निर्देशित किया कि विषय की पूरी तैयारी के साथ स्कूल आएं ताकि बच्चों को अच्छी तरह समझा सकें। केवल स्कूल आकर नौकरी न करें।


कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान बच्चों से कुछ सवाल पूछकर उनके ज्ञान को परखा। उन्होंने कक्षा 9वीं के छात्रों से पूछा कि कलेक्टर बनने के लिए कौन सी परीक्षा देनी पड़ती है। इस पर छात्रों ने जवाब दिया कि यूपीएससी। कलेक्टर ने यूपीएससी का फुल फार्म व इसका हिंदी अनुवाद भी पूछा।

कलेक्टर ने कहा कि यूपीएससी या संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शामिल होने के लिए स्नातक उपाधि धारक व्यक्ति शामिल हो सकता है। यूपीएससी के माध्यम से आईएएस, आईपीएस सहित कई अन्य सेवाओं के लिए चयनित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा इंजीनियरिंग, मेडिकल, कला के क्षेत्र में भी जा सकते है।

उन्होंने बच्चों से कहा कि आपको क्या बनना अच्छा लगता है उसकी तैयारी अभी से शुरू कर दें। 15 से 20 वर्ष अच्छे से मेहनत करेंगे तो जीवन मे निरंतर आगे बढ़ेंगे।


गूगल या यूट्यूब में सर्च करें कॅरियर के अवसर
कलक्टर ने छात्र-छात्राओं से कहा कि घर जाकर गूगल या यूट्यूब में सर्च करें कि कौन सी कक्षा और पाठ्यक्रम में कॅरियर के क्या अवसर है। उसमें सारी जानकारी मिल जाएगी।


शिक्षकों के औसत परफॉर्मेंस पर जताई नाराजगी
कलेक्टर ने स्कूल के शिक्षकों की औसत परफार्मेंस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि केवल विद्यर्थियों को ही परीक्षा नहीं देनी है, अपने विषय पर कितनी पकड़ है, इसकी जांच-परीक्षा शिक्षकों को भी देनी है। स्कूल के बच्चों को अपने बच्चे समझ कर खूब मेहनत से पढ़ाएं।


केवल स्कूल आना ही नौकरी नहीं
कलेक्टर ने शिक्षकों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जिले में जो शिक्षा की स्थिति है उसे बदलना है और इसके लिए आप सबको तैयार होना पड़ेगा। शिक्षकों के लिए स्कूल आना केवल नौकरी करना नहीं, बल्कि समाज व देश का भविष्य गढऩे का काम करना है।

उन्होंने कहा कि कोई कमी है तो उसे छिपाना नहीं चाहिए अपितु उस कमी को दूर करने का उपाय करना चाहिए। अगली निरीक्षण से पहले कमियों को दूर करने का प्रयास करें।


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