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सुप्रीम कोर्ट के आदेश की ठेकेदार उड़ा रहा धज्जियां, जिस बचाना है उसका मिटा रहे नामोनिशान

रिंग रोड का काम कर रहे ठेकेदार की नई कारिस्तानी, सड़क विकास निगम के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं

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Pond

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अंबिकापुर. जल के प्राकृतिक रिसोर्स व तालाबों के पाटने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश जारी किए हैं, इसके बावजूद देश के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के साथ खुलेआम शासकीय संस्थाओं द्वारा खिलवाड़ किया जा रहा है। सड़क विकास निगम द्वारा कराए जा रहे रिंग रोड निर्माण के दौरान ठेकेदार द्वारा भाथूपारा तालाब को पाटने का काम किया जा रहा है लेकिन इसकी जानकारी तक अधिकारियों को नहीं है। यह शहर के लिए सबसे बड़ी विडंबना है।


सड़क विकास निगम द्वारा शहर के 10.80 किमी लंबी रिंग रोड का निर्माण कार्य मेसर्स श्रीकृष्णा एंड कम्पनी से कराया जा रहा है। सड़क की गुणवत्ता को लेकर अब तक लोगों द्वारा सवाल खड़े किए जा रहे थे, लेकिन अब वर्षों पुराने भाथूपारा तालाब के अस्तित्व को ही समाप्त करने पर ही ठेका कम्पनी तुली हुई है।

सबसे बड़ी बिडंबना यह है कि इसकी जानकारी तक जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं है। अब तालाब जब पूरी तरह से पट जा रहा है तो आसपास के लोग मुखर हो गए हैं। उन्होंने इसकी शिकायत भी कलक्टर से की है। इसके बावजूद अधिकारियों द्वारा भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

रिंग रोड के निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार की शिकायत कलक्टर से वहां के रामसेवक साहू, दीपक तिर्की, प्रदीप मिंज, अमरेश साहू, पप्पु साहू बिकुल राम, हीरामनी मिंज, देवकुमार मिंज, दुर्गा शंकर दास, रवि शंकर दास सहित अन्य लोगों ने की है।


होते हैं धार्मिक आयोजन
भाथूपारा के लोगों ने बताया कि यह तालाब काफी पुराना एवं जीवित है। इसमें धार्मिक आयोजन जैसे छठ व अन्य कार्यक्रम भी समय-समय पर किए जाते हैं। इसके साथ ही सामाजिक क्रियाकलाप भी किए जाते हैं। पूरे रिंग रोड व दर्रीपारा क्षेत्र के लिए यह एक मात्र तालाब है। लेकिन इसमें रिंग रोड के निकले ठोस मलबे को डालने से तालाब पूरी तरह से समाप्त होने की कगार पर है।


मलबे से पाट रहे हैं तालाब
रिंग रोड के काम के दौरान जितना भी मलबा निकला है। ठेका कम्पनी के कर्मचारियों द्वारा भाथूपारा तालाब में डाला जा रहा है। इससे न केवल तालाब का अस्तित्व खतरे में आ गया है, बल्कि पूरी तरह से पटने के कगार पर है। पुराने डिवाइडर को तोडऩे के बाद उससे निकले कांक्रीट मलबे को भी तालाब में डाल दिया गया है। इसकी वजह से उसमें लगे छड़ भी तालाब आने-जाने वालों के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं।


अनुबंध अवधि समाप्त होने में चंद दिन शेष
रिंग रोड निर्माण के लिए शासन द्वारा जो समय निर्धारित किया गया है। इसमें महज १६ दिन का समय शेष रह गया है। लेकिन ठेकेदार द्वारा जिस तरीके से काम किया जा रहा है। इससे कहीं से नहीं लग रहा है कि वह समय पर काम कर पाएगा। ठेका कम्पनी के पास संसाधन को लेकर नगर निगम के सामान्य सभा की बैठक में प्रभावित पार्षदों ने सवाल खड़े किए थे।

उन्होंने कहा था कि जिस ठेकेदार के पास संसाधन नहीं है, उसे भी काम दे दिया गया है। इस संबंध में अगली सामान्य सभा की बैठक में संबंधित विभाग के अधिकारियों को बुलाकर बात करने को कहा गया है।


बारिश में सड़क ने बढ़ाई परेशानी
रिंग रोड पर सड़क निर्माण का काम कर रही ठेका कम्पनी द्वारा कछुआ की गति से काम किया जा रहा है। इससे बारिश में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे भी आसपास रहने वालों के लिए परेशानी के कारण बन गए हैं। इसके साथ ही जिस गुणवत्ता का सड़क निर्माण किया जाना था, वह भी ठेका कम्पनी द्वारा नहीं किया जा रहा है।


नहीं है जानकारी
तालाब पाटने की जानकारी अभी मुझे नहीं है। साइड जाकर तालाब की स्थिति को देख बता सकूंगी।
रश्मि वैश्य, साइड इंजीनियर, सड़क विकास निगम

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