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Video : नर हाथी के धक्के से कुएं में गिरा शावक, निकलते ही कर दिया हमला, जान बचाने उसी कुएं में कूद गया ग्रामीण

ग्राम हरिपुर स्थित डबरीनुमा कुएं के समीप खेल रहा था हाथियों का दल, हाथी को बिना डरे निकालने वाले 2 ग्रामीणों को वन विभाग ने किया पुरस्कृत

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Elephant fell into the well

Elephant

अंबिकापुर. सूरजपुर जिले के ग्राम मोहनपुर के आश्रित ग्राम हरिपुर में सोमवार की देर रात हाथियों का दल मिंगलू पिता दुखीराम के कुएं के समीप खेल रहा था। इसी दौरान एक नर हाथी द्वारा धक्का दिए जाने से 7 वर्षीय किशोर हाथी 8 फीट गहरे डबरीनुमा कुएं में गिर गया। पूरी रात हाथी उसे कुएंं से बाहर निकालने की मशक्कत करते रहे। जब हाथी को बाहर नहीं निकाल सके तो वापस जंगल की तरफ चले गए।

सुबह ग्रामीणों ने हाथी को डबरी से बाहर निकालने के लिए जब स्लोप बनाया तो वह बाहर निकल सका। हाथी ने बाहर निकलते ही ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। एक ग्रामीण ने हाथी से बचने के लिए डबरी में छलांग लगा दी, तब कहीं उसकी जान बच पाई। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा बिना डरे हाथी को बाहर निकलने में मदद करने वाले 2 लोगों को 1-1 हजार रुपए देकर पुरस्कृत किया।

गौरतलब है कि शहर से महज 20 किमी दूर ग्राम मोहनपुर के जंगल में पिछले 15 दिनों से 57 हाथियों का दल डटा हुआ है। सोमवार की रात करीब 9 बजे हाथियों का दल जंगल से निकलकर ग्राम हरिपुर स्थित मिंगलू पिता दुखीराम के डबरीनुमा कुएं के समीप खेल रहे थे। इस दौरान सभी हाथी खेल के मस्ती में डूबे हुए थे और एक-दूसरे पर हमला भी कर रहे थे।

इस दौरान अचानक एक नर हाथी ने 7 वर्षीय किशोर हाथी को धक्का दिया। वह इस दौरान डबरीनुमा कुएं के समीप ही खड़ा था। अचानक हुए हमले से वह संभल नहीं पाया और कुएं में जा गिरा। कुएं में लगभग 8 फीट पानी भरा था। हाथी को कुएं में गिरता देख दल के सभी हाथी उसे बाहर निकालने का प्रयास शुरू कर दिए। इस दौरान हाथियों की चिंघाड से पूरा गांव जाग उठा।

लेकिन रातभर जबतक हाथियों का दल वहां डटा हुआ था, किसी ने उसके समीप जाने की हिम्मत नहीं जुटाई। जब हाथियों का दल कुएं में फंसे हाथी को निकालने में पूरी तरह से असफल हो गया तो वहां से सुबह जंगल की तरफ निकल गए। सुबह कुएं में फंसे हाथी के चिंघाडऩे की आवाज सुनने के बाद ग्रामीणों ने वहां पहुंच उसे बाहर निकालने का प्रयास किया। सुबह लगभग 7.30 बजे के आसपास कुएं में फंसे हाथी को ग्रामीणों ने रास्ता बनाकर बाहर निकाला। बाहर निकलते ही हाथी लोगों की भीड़ देख आक्रोशित हो गया।

उसने इस दौरान ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इससे अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह वन कर्मचारियों ने स्थिति को संभाला और हाथी को जंगल की तरफ खदेडऩे में सफलता हासिल की। इस पूरे रेस्क्यू में लगभग २ से ३ घंटे का समय लग गया।


ग्रामीणों को वन विभाग ने किया पुरस्कृत
हाथी को सुरक्षित कुएं से बाहर निकलने के दौरान दो ग्रामीण जिन्होंने हाथी को बाहर निकालने के लिए रास्ता बना रहे थे। इस दौरान उनपर हाथी ने हमला भी करने का प्रयास किया। लेकिन वे बिना डरे हाथियों को बाहर निकालने प्रयास करते रहे। इसकी जानकारी मिलने पर सीसीएफ केके बिसेन द्वारा सूरजपुर डीएफओ को विशेष सहयोग करने वाले ग्रामीण जयराम व बहादुर को 1-1 हजार रुपए से पुरस्कृत करने को कहा।

सीसीएफ के कहने पर दोनों ग्रामीणों को एसडीओ बीएस भगत, हाथी विशेषज्ञ प्रभात दुबे, रेंजर एसए खान ने गांव में पहुंच उन्हें नगद राशि देकर पुरस्कृत किया। इस पूरे रेस्क्यू के दौरान इनके द्वारा ग्रामीणों को समझाइश भी दी जा रही थी कि वे हाथियों को न छेड़ें तथा हो-हल्ला न करें। ऐसे में हाथी आक्रामक हो सकते हैं।


कुएं में कूदकर बचाई जान
हाथी डबरीनुमा कुएं से बाहर निकलने के बाद ग्रामीणों पर हमला कर दिया। इससे अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। इस दौरान डबरी के समीप खड़े ग्रामीण रामसाय जो हाथी के काफी समीप था। उसने हाथी की आक्रामकता को देखते हुए उसी कुएं में कूद कर अपनी जान बचाई। इसके साथ हाथी के गुस्से को देखने के बावजूद किसी भी ग्रामीण ने उस पर हमला नहीं किया और न ही फटाखे फोड़े।

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