
Former deputy CM PC (Photo- Patrika)
अंबिकापुर. बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर लूटने का काम भाजपा सरकार ने किया है। घरेलू खपत पर 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। गैर घरेलू बिजली की दर 25 पैसे प्रति यूनिट महंगी (Electricity rate hike) कर दी गई है। इससे गरीब उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उक्त बातें मंगलवार को राजीव भवन स्थित कांंग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कही।
सिंहदेव ने कहा कि सर्वाधिक बढ़ोतरी कृषि पंप के बिजली के दाम में 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। छत्तीसगढ़ के किसान इस सरकार की दुर्भावना और उपेक्षा के चलते पहले ही खाद, बीज और बिजली कटौती से परेशान हैं। भाजपा सरकार अब कृषि पंप में बिजली की दर (Electricity rate hike) बढाकर किसानों की कमर तोड़ रही है।
2003 से 2018 तक भाजपा की पूर्ववर्ती रमन सरकार ने हर साल बिजली के दामों में वृद्धि की। 2003 में छत्तीसगढ़ में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 3 रुपए 30 पैसे के दर पर बिजली (Electricity rate hike) मिला करती थी, जिसे 15 साल में रमन सिंह के समय ही 6 रुपए 40 पैसे तक बढ़ाया गया, जिसे चुनावी वर्ष 2018 में मात्र 20 पैसे घटाकर 6 रुपया 20 पैसे किया गया था।
वहीं पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार में पूरे 5 साल का नेट वृद्धि यदि देखें तो मात्र 2 पैसे (Electricity rate hike) का था, जो ऐतिहासिक तौर पर सबसे न्यूनतम था। प्रेस वार्ता में कांगे्र्रस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पीसीसी उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव, महामंत्री द्वितेन्द्र मिश्रा, पूर्व महापौर डॉ. अजय तिर्की, पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, इंद्रजीत सिंह धंजल, अनिल सिंह, अनूप मेहता व अशफाक अली मौजूद थे।
सिंहदेव ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने बिजली के घाटे को पाटते हुए बिजली बिल हाफ योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 65 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को लगभग 3 हजार 240 करोड़ रुपए की सब्सिडी देकर बहुत बड़ी राहत दी थी। किसानों को 5 एचपी तक नि:शुल्क बिजली (Electricity rate hike) दी। बीपीएल उपभोक्ताओं को 40 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी गई।
अस्पतालों, उद्योगों को सब्सिडाइज्ड दर पर बिजली देकर राहत पहुंचाया। भाजपा की सरकार आने के बाद प्रदेश भर में बिजली की कटौती शुरू हो गई और कीमत लगातार बढ़ाई (Electricity rate hike) जाने लगी है। कोयला हमारा, पानी हमारा, जमीन हमारी और हमें ही महंगे दर पर बिजली बेची जा रही है।
सिंहदेव ने कहा कि कई सरकारी विभाग बिजली का बकाया बिल जमा नहीं कर रहें, सरकारी उपक्रमों और सरकार के चहेतों का करोड़ों का बिजली बिल का भुगतान (Electricity rate hike) लंबित है, उसकी वसूली भी सरकार जनता से कर रही है। सरकार सत्ता के संरक्षण में बिजली चोरी और लाइन लॉस के मामले बढ़े हैं।
टीएस ने कहा कि विद्युत दरों में वृद्धि (Electricity rate hike) के विरोध में होने वाले चरणबद्ध आन्दोलन के तहत कांग्रेस 16 से 22 जुलाई तक विद्युत कार्यालयों का घेराव करेगी। ब्लॉंक कांग्रेस कमेटी दिनांक 16, 17 और 18 जुलाई को ईई, जेई एवं एई कार्यालय का घेराव करेगी।
22 जुलाई को जिला मुख्यालय में विद्युत कार्यालय का घेराव किया जाएगा। पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक ढंग से सरकार पर कीमतों में की गई वृद्धि को वापस लेने का दबाव बनाएगी।
Updated on:
15 Jul 2025 08:21 pm
Published on:
15 Jul 2025 08:21 pm
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