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जंगल में लगी आग बुझाने वन कर्मियों को लगाना पड़ा जुगाड़, बाइक से निकालते दिखे पेट्रोल

Fire in forest: शहर से लगे खैरबार के जंगल में लगी आग बुझाने पहुंचे थे वनकर्मियों को ब्लोअर मशीन में बाइक से पेट्रोल निकालकर डालना पड़ा, गर्मी के दिनों में जंगल मेंं आए दिन हो रही आगजनी की घटनाएं

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fire in forest

Fire in forest

अंबिकापुर. Fire in forest: गर्मी का मौसम शुरू होते ही आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती हैं। विशेषकर वन क्षेत्र में आगजनी के अधिकांश मामले सामने आते हैं। वहीं शहर से गले खैरबार के जंगल में गुरुवार की शाम को जंगल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया। शुक्रवार की सुबह स्थानीय लोगों ने देखा तो जंगल में आगजनी की घटना वन विभाग को दी। आग बुझाने पहुंचे कर्मचारियों के पास संसाधन व व्यवस्थाओं की कमी देखी कई। आग बुझाने के लिए उपयोग किए जा रहे ब्लोअर मशीन में पर्याप्त पेट्रोल नहीं था। बार-बार खत्म हो जा रहा था। इस स्थिति में कर्मचारी अपनी बाइक से पेट्रोल निकाल कर आग बुझाने की जद्दोजहद करते रहे। वहीं शासन द्वारा आग से निपटने के लिए पर्याप्त व्यस्था दी जाती है। लेकिन वन विभाग आगजनी जैसी घटना पर गंभीर नहीं है।


गौरतलब है कि शहर से लगे खैरबार में बांस व सागौन का प्लांटेशन है, जो खैरबार जंगल के नाम से जाना जाता है। खैरबार स्कूल के पास सडक़ किनारे जंगल में आग लग गई। रात होने के कारण आगजनी की जानकारी नहीं लग पाई। शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने देखा तो जंगल में आग लगने की जानकारी वन विभाग को दी।

सूचना पर आग बुझाने के लिए 8 कर्मचारी पहुंचे। आग जंगल के काफी अंदर तक फैल चुकी थी। आग बुझाने में कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गनीमत थी कि लगातार मौसम खराब रहने के कारण पत्तों में नमी थी, इसलिए आग काफी तेजी से नहीं फैल पा रही थी।

फिर भी आग सडक़ किनारे एरिया से लेकर अंदर तक फैल चुकी थी। कर्मचारी ब्लोअर मशीन लेकर घुम-घुम कर आग बुझाते रहे। इस दौरान कर्मचारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जंगल में आग कैसे लग, इसकी जानकारी नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि आए दिन जंगल में आग लगने की जानकारी मिलती है। लोग सिगरेट पीकर फेंक देते हैं। इससे भी आग धीरे-धीरे पूरे जंगल में फैल जाती है।

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ब्लोअर में खत्म हो जा रहा था पेट्रोल
आग बुझाने के लिए 8 कर्मचारियों को लगाया गया था। आग बुझाने के लिए ब्लोअर मशीन का उपयोग किया जा रहा था। इस दौरान वन विभाग की नाकामी नजर आई। कर्मचारियों के पास ब्लोअर में डालने के लिए पर्याप्त पेट्रोल नहीं था। कुछ ही देर मे ब्लोअर में पेट्रोल खत्म हो गया।

इस स्थिति में एक कर्मचारी अपनी बाइक से पेट्रोल निकाला और ब्लोअर में डालकर पुन: आग बुझाने में जुट गया। वहीं वन विभाग को जंगल में आगजनी जैसी घटना से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन व फंड दिए जाते हैं। इसके बावजूद भी कर्मचारियों को ब्लोअर में डालने के लिए पर्याप्त पेट्रोल तक नहीं दिया जा रहा है।


आगजनी की घटना से जंगल हो रहे नष्ट
खैरबार जंगल में सागौन व बांस का प्लांटेशन का दायरा काफी बड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ लोग जान बूझकर जंगल में आग लगा देते हैं। इससे जंगल में लगे सागौन का पेड़ सूख जाते हैं और लोग चोरी छिपे सूखे पेड़ों की कटाई करते हैं। इस तरह आगजनी से जंगल नष्ट हो रहे हैं।