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Four lane road: शहर के गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक फोरलेन सडक़ की हुई मार्किंग, 8-10 मकान के तोड़े जाएंगे हिस्से

Four lane road: अंबिकापुर-मनेंद्रगढ़ नेशनल हाइवे पर सडक़ के दोनों ओर 12-12 मीटर की गई मार्किंग, बीच में बनेगा डिवाइडर, राज्य शासन से स्वीकृत हुए हैं 61.34 करोड़ रुपए

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Four lane road

Four lane road marking (Photo- Patrika)

अंबिकापुर. शहर के बहुप्रतीक्षित गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक फोरलेन सडक़ (Four lane road) निर्माण कार्य की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। शनिवार को लोक निर्माण विभाग की टीम ने राजस्व अमले के साथ मिलकर सडक़ के दोनों ओर 12-12 मीटर की मार्किंग की। बीच में डिवाइडर बनेगा। इस दौरान 8 से 10 मकानों के कुछ हिस्से तोड़े जाएंगे। 5.54 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के चौड़ीकरण के लिए राज्य शासन ने 61.34 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 19 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5.54 किमी सडक़ के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 6134.07 लाख रुपए की स्वीकृति (Four lane road) दी गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार तकनीकी स्वीकृति और निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लगभग दो माह में कार्य प्रारंभ किया जा सकता है।

शनिवार को पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों, तहसीलदार, पटवारी, नगर निगम कर्मचारियों तथा वन विभाग की टीम की मौजूदगी में सडक़ के मध्य से दोनों ओर 12-12 मीटर की माप की गई। इस दौरान मार्ग के किनारे स्थित पेड़ों की गणना भी की गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार सडक़ किनारे स्थित 8 से 10 मकान प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि अंतिम स्थिति भू-अर्जन और तकनीकी सर्वे (Four lane road) के बाद स्पष्ट होगी।

कोई बड़ा निर्माण नहीं होगा प्रभावित

पीडब्ल्यूडी के अनुसार की गई मार्किंग प्रक्रिया में कोई बड़ा निर्माण प्रभावित नहीं होना पाया गया है। 8 से 10 मकान ऐसे हैं जिन्होंने एक्सट्रा निर्माण (Four lane road) करा रखा है। उनके बाउंड्री, छज्जा, शेड टूटेंगे। ये सभी एनएच की भूमि पर है। इसलिए कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। वहीं सडक़ के बीचो-बीच डिवाइडर का भी निर्माण कराया जाएगा।

एनएच का हिस्सा, केंद्र से वर्किंग परमिशन जरूरी

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रस्तावित मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के अंतर्गत आता है। कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से वर्किंग परमिशन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। निर्माण (Four lane road) के बाद भी सडक़ का स्वामित्व राष्ट्रीय राजमार्ग का ही रहेगा।

बताया गया है कि वन टाइम इम्प्रूवमेंट योजना के तहत पहले से स्वीकृत राशि में से संबंधित हिस्से की लगभग 15.31 करोड़ रुपए की राशि को डीसकोप कर लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा।

90 प्रतिशत बाधा रहित भूमि पर ही होगी निविदा

पीडब्ल्यूडी के अनुसार शासन ने स्पष्ट निर्देश दिए है कि कम से कम 90 प्रतिशत बाधा रहित भूमि उपलब्ध होने पर ही निविदा आमंत्रित की जाएगी। यदि भू-अर्जन की आवश्यकता होगी तो स्वीकृत राशि (Four lane road) की सीमा में ही प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अतिरिक्त वित्तीय दायित्व बिना पुनरीक्षित स्वीकृति के नहीं लिया जाएगा।

गुणवत्ता और समय सीमा पर सख्त निर्देश

शासन ने कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शी निविदा प्रक्रिया और समय-सीमा के पालन पर विशेष जोर दिया है। अनुबंध अनुसार समय पर कार्य पूर्ण नहीं होने पर अर्थदंड सहित कार्रवाई (Four lane road) के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सामग्री की गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Four lane road: शहर के ट्रैफिक को मिलेगी राहत

गांधी चौक से रेलवे स्टेशन मार्ग शहर का प्रमुख व्यावसायिक और यातायात वाला क्षेत्र है। फोरलेन निर्माण से ट्रैफिक जाम की समस्या में कमी आने और आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।

लंबे समय से इस सडक़ के चौड़ीकरण (Four lane road) की मांग की जा रही थी। अब निगाहें तकनीकी स्वीकृति और निविदा प्रक्रिया पर टिकी हैं, जिसके बाद शहर को बहुप्रतीक्षित फोरलेन सडक़ की सौगात मिल सकेगी।