
Kaam Ki Khabar
Kaam Ki Khabar: बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी दवा खाने से परहेज करना चाहिए। ये बात तो हम सब जानते हैं, इसके बावजूद हम कई बार सीधे मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदकर खा लेते हैं। यह कई बार घातक भी हो जाता है। यदि आप बिना डॉक्टर की सलाह या पर्ची पर लिखी दवाइयों को मेडिकल स्टोर से खरीदते हैं तो पैकेट पर बनी लाल पट्टी जरूर देख लें। यह लाल पट्टी बड़े काम की चीज है। दवा कंपनियां स्वयं द्वारा निर्मित दवाइयों के पैकेट पर लाल रंग की पट्टी अंकित करते हैं, ऐसी दवाइयों का सीधा संबंध डॉक्टर से होता है। इसका मतलब है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के ये दवाएं नहीं लेनी है। कई लोगों को यह पता नहीं होता है।
यदि हम किसी से पूछे कि दवाइयों के पैकेट पर लाल रंग की पट्टी क्यों बनी होती है तो अधिकांश लोग इसका जवाब नहीं दे पाएंगे। कई बस यही कहेंगे कि यह दवा कंपनियों की डिजाइन है। हमें यह जानना जरूरी है कि यह सिर्फ डिजाइन नहीं है बल्कि यह एक्सपायरी डेट की ही तरह बड़े काम की चीज है। कई बार हम मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदने के बाद एक्सपायरी डेट तो चेक कर लेते हैं लेकिन लाल पट्टी के बारे में अनजान होते हैं।
इस कारण बनी होती है लाल पट्टी
दवाइयों के पैकेट पर लाल पट्टी बनने का मतलब है कि इन दवाइयों को आपको बिना डॉक्टर के प्रिसक्रिप्शन के नहीं लेना है। इनमें एंटीबायोट्क्सि प्रमुख होती हैं।
यह जानकारी वर्ष 2016 में स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार (Ministry of Health) ने ट्वीटर पर एक पोस्ट शेयर कर दी थीं। ऐसे में हम पट्टी देखकर जांच कर सकते हैं कि हमें ये दवा कैसे खानी है। बिना पट्टी वाली दवाइयों को बिना डॉक्टरी सलाह के खाने से सेहत पर बुरा असर नहीं पड़ता है।
मेडिकल स्टोर से खरीदते समय ये करें जांच
अब से यदि आप डायरेक्ट मेडिकल स्टोर (Medical Store) से ऐसी दवा खरीदते हैं जिसे डॉक्टर ने नहीं लिखा है तो संचालक द्वारा दिए गए दवाइयों के पैकेट पर लाल पट्टी (Red Strip) की जांच जरूर कर लें। ऐसे में आप जान जाएंगे कि उक्त दवा बिना डॉक्टर के सलाह के खानी है या नहीं।
Published on:
02 Dec 2021 02:52 pm
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